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सहकारिता सेक्टर की बड़ी छलांग: 269 करोड़ का मुनाफा, एनपीए में रिकॉर्ड गिरावट!
दर्पण न्यूज 24/7 | प्रमोद बमेटा, देहरादून
उत्तराखंड का सहकारिता सेक्टर अब नई ऊंचाइयों को छूता नजर आ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य एवं जिला सहकारी बैंकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 269.72 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया है। यह उपलब्धि न केवल वित्तीय मजबूती का संकेत है, बल्कि सहकारिता व्यवस्था में बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है।
सबसे खास बात यह रही कि बैंकों ने एनपीए (अवर्गीकृत ऋण) पर प्रभावी नियंत्रण करते हुए करीब 40 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की। सकल एनपीए 690.11 करोड़ से घटकर 650.23 करोड़ और शुद्ध एनपीए 183.87 करोड़ से घटकर 173.65 करोड़ रह गया, जो मजबूत वित्तीय अनुशासन का परिणाम है।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार, सरकार की पारदर्शी नीतियों, डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा और सख्त वसूली अभियान ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है। यही कारण है कि इस वर्ष 290 बैंक शाखाएं मुनाफे में पहुंच गईं, जबकि पिछले साल यह संख्या 280 थी।
जिला स्तर पर भी प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। चमोली, टिहरी, देहरादून और कोटद्वार जैसे जिलों में बैंकों ने 30 करोड़ रुपये के आसपास का मुनाफा दर्ज कर सहकारिता मॉडल की ताकत साबित की।
हालांकि 41 शाखाएं अब भी घाटे में हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें उबारने के लिए अलग रणनीति बनाने के निर्देश दिए हैं।
डिजिटल सेवाओं के विस्तार, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के उपयोग से सहकारी बैंक अब सिर्फ वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनते जा रहे हैं।

 

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