मेमोरी मैन अजीत भारती और गणित के जादूगर डीपी सिंह की जोड़ी उत्तराखंड के बच्चों में जगाएगी नया आत्मविश्वास
बोले – “पढ़ाई बोझ नहीं, आनंद बननी चाहिए”, मेमोरी टेक्निक और वैदिक गणित से बदल रही बच्चों की सोच!
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता।
लालकुआं। बदलते दौर में जहां बच्चे पढ़ाई के बढ़ते दबाव, प्रतियोगी परीक्षाओं और डिजिटल दुनिया के आकर्षण के बीच मानसिक तनाव महसूस कर रहे हैं, वहीं विश्व विख्यात “मेमोरी मैन” अजीत भारती और गणित के जादूगर डीपी सिंह की जोड़ी बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। स्थानीय चाइल्ड सैक्रेड विद्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव, विचार और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को यह विश्वास दिलाया कि सही दिशा और सही तकनीक से हर बच्चा असाधारण सफलता हासिल कर सकता है।
कार्यक्रम के दौरान मेमोरी मैन अजीत भारती ने अपनी अद्भुत स्मरण शक्ति का प्रदर्शन करते हुए सैकड़ों अंकों को कुछ ही क्षणों में याद कर उपस्थित लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। उन्होंने जटिल गणितीय प्रश्नों के उत्तर इतनी तेजी से दिए कि अभिभावक और विद्यार्थी दंग रह गए। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि यह कोई चमत्कार या जादू नहीं बल्कि “साइंटिफिक मेमोरी सिस्टम” है, जिसे हर बच्चा सीख सकता है।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत के दौरान अजीत भारती ने बताया कि यह उत्तराखंड आने का उनका दूसरा अवसर है। इससे पहले वर्ष 2016 में वे देहरादून आए थे, जहां उन्हें “यूथ आइकन अवार्ड” से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती प्रतिभाओं से भरी हुई है और यहां के बच्चों में सीखने की अद्भुत क्षमता मौजूद है। जरूरत केवल उन्हें सही मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी मेमोरी तकनीक मानसिक चित्रों यानी “मेंटल इमेज” के आधार पर विकसित की है। इंसान का दिमाग शब्दों की तुलना में चित्रों को ज्यादा तेजी से याद रखता है। इसी सिद्धांत पर वे बच्चों को पढ़ाई को याद करने की कला सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे फिल्में, गेम और मोबाइल रील्स घंटों तक इसलिए याद रखते हैं क्योंकि उसमें उनका इंटरेस्ट होता है, लेकिन पढ़ाई में वही रुचि पैदा नहीं हो पाती। उनकी तकनीक का उद्देश्य पढ़ाई को भी उतना ही रोचक और मनोरंजक बनाना है।
अजीत भारती ने कहा कि आज बच्चों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे पढ़ी हुई चीजों को जल्दी भूल जाते हैं और बार-बार दोहराना पड़ता है। यदि बच्चों को सही तरीके से याद करने की तकनीक सिखा दी जाए तो वे कम समय में अधिक पढ़ सकते हैं और लंबे समय तक उसे याद रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनका सपना ऐसा भारत बनाना है जहां कोई भी बच्चा परीक्षा के नाम से डरे नहीं।
वहीं गणित के जादूगर डीपी सिंह ने कहा कि आज का दौर अत्यधिक प्रतिस्पर्धा का है। हर अभिभावक चाहता है कि उसका बच्चा कम समय में बेहतर परिणाम हासिल करे, लेकिन अधिकांश बच्चे सही तकनीक के अभाव में मेहनत के बावजूद अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि वैदिक गणित और मेमोरी तकनीक बच्चों की पढ़ाई को तेज, सरल और प्रभावी बनाने का माध्यम बन सकती है।
डीपी सिंह ने बताया कि लगभग आठ वर्ष पहले उनकी मुलाकात अजीत सिंह से हुई थी। उस दौरान उन्होंने पहली बार उनकी अद्भुत मेमोरी क्षमता को करीब से देखा। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान अजीत भारती ने रास्ते में गुजरने वाली गाड़ियों के रंग ही नहीं बल्कि उनके नंबर तक याद कर लिए थे। उसी समय उन्हें महसूस हुआ कि इंसान का मस्तिष्क सामान्य सोच से कहीं ज्यादा शक्तिशाली होता है।
उन्होंने कहा कि मेमोरी की अलग-अलग तकनीकें होती हैं। कुछ लोग चित्र बनाकर याद रखते हैं तो कुछ वीडियो की तरह दिमाग में जानकारी स्टोर करते हैं। यदि बच्चों को इन वैज्ञानिक तरीकों से पढ़ाया जाए तो वे लंबे समय तक विषयों को याद रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह तकनीक केवल छोटे बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि यूपीएससी, बैंकिंग, एसएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी बेहद उपयोगी है।
दोनों विशेषज्ञों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पढ़ाई करवाना नहीं बल्कि बच्चों के भीतर आत्मविश्वास जगाना है। जब बच्चा यह महसूस करने लगेगा कि वह भी किसी से कम नहीं है, तभी उसके भीतर सफलता का वास्तविक आत्मविश्वास पैदा होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के बच्चों में अपार प्रतिभा है और यदि उन्हें सही प्लेटफॉर्म और आधुनिक शिक्षा तकनीक मिले तो वे देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। जैव विविधता प्रतियोगिता में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली नेचर साइंस टीम, राज्य स्तरीय जूडो प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया।
विद्यालय की मैनेजमेंट डायरेक्टर सुनीता पांडे, प्रबंधक बसंत पांडे और प्रधानाचार्य डॉ. प्रीति सिंह ने कहा कि ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम बच्चों के मानसिक विकास और आत्मविश्वास को नई दिशा देते हैं। उन्होंने दोनों विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से बच्चों में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी।
इस अवसर पर अंकेश कुमार पांडे, यूपीएससी क्वालीफाइड संजय सिंह सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
चित्र परिचय :
बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते मेमोरी मैन अजीत सिंह।
वैदिक गणित और स्मार्ट लर्निंग की जानकारी देते डीपी सिंह।
विद्यालय की प्रतिभाओं को सम्मानित करते अतिथि।
