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‘आंचल’ को राष्ट्रीय पहचान की उड़ान, टाटा कंज्यूमर्स से ऐतिहासिक करार!
दर्पण न्यूज 24/7 देहरादून: उत्तराखंड के डेयरी सेक्टर को नई दिशा देने की पहल के तहत ‘आंचल’ ब्रांड अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की ओर बढ़ चला है। पशुपालन, मत्स्य, दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने आईआरडीटी ऑडिटोरियम, देहरादून में उत्तराखंड कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (यूसीडीएफ) और प्रदेश के दुग्ध संघों में ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) प्रणाली का शुभारंभ किया।
इस मौके पर यूसीडीएफ और टाटा कंज्यूमर्स प्रा. लि. के बीच बद्री गाय घी और पहाड़ी घी के विपणन को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते को ‘आंचल’ ब्रांड के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है, जिससे उत्पादों को देशभर में नई पहचान और बाजार मिलेगा।
मंत्री बहुगुणा ने बताया कि ईआरपी प्रणाली लागू होने से दुग्ध उपार्जन से लेकर विपणन तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी। इससे दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान, बेहतर गुणवत्ता और तकनीकी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगले छह माह में सभी दुग्ध संघों में यह प्रणाली लागू कर दी जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में औसत दैनिक दुग्ध उपार्जन 2.37 लाख लीटर रहा, जबकि अधिकतम 2.97 लाख लीटर प्रतिदिन दर्ज किया गया। आगामी वर्ष के लिए 3.25 लाख लीटर प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही दुग्ध मूल्य भुगतान 14 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने और दुग्ध संघों को अपने लाभ का कम से कम 20 प्रतिशत सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चारा एफपीओ को सम्मानित किया गया। हल्द्वानी क्षेत्र की तीन प्रगतिशील महिला दुग्ध उत्पादकों को क्रमशः 25 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये के पुरस्कार प्रदान किए गए। हरिद्वार और उत्तरकाशी दुग्ध संघों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
इस दौरान पांच नए बद्री गाय ग्रोथ सेंटर स्थापित करने और सितारगंज में दुग्ध चूर्ण व आइसक्रीम संयंत्र लगाने की घोषणा भी की गई। साथ ही आइसक्रीम ई-पुश कार्ट का लोकार्पण किया गया।
समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने इस पहल को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि टाटा कंज्यूमर्स के साथ हुआ समझौता राज्य के डेयरी सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी, दुग्ध संघों के प्रतिनिधि और कर्मचारी उपस्थित रहे।