पेयजल निर्माण निगम द्वारा यहां निर्मित कराए जा रहे आवासीय विद्यालय के छात्रावास में विद्युत कनेक्शन को लेकर हुई अनियमितताओं की चर्चा।
हल्दूचौड़। पीएम श्री अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज हल्दूचौड़ परिसर में पेयजल निर्माण निगम द्वारा निर्मित कराए जा रहे आवासीय विद्यालय हॉस्टल को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। चर्चाएं इस बात को लेकर हैं कि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस निर्माण कार्य के दौरान उपयोग की गई बिजली की व्यवस्था आखिर किस प्रकार की गई।
सूत्रों के मुताबिक हॉस्टल निर्माण कार्य लगभग पूर्ण होने को है। निर्माण के दौरान कंक्रीट मिक्सर, वेल्डिंग मशीन, कटिंग मशीन समेत कई विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। इसी बीच यह चर्चा सामने आई कि निर्माण कार्य के लिए विद्युत विभाग से अस्थायी (टेम्परेरी) कनेक्शन लिए जाने का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
चर्चाओं के बीच जब संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई तो विद्युत विभाग के अवर अभियंता ने बताया कि निर्माण कार्य के लिए टेम्परेरी कनेक्शन नहीं लिया गया था। हालांकि उन्होंने कहा कि संबंधित ठेकेदार को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अस्थायी कनेक्शन लेने के लिए कहा गया है।
वहीं ठेकेदार का कहना है कि निर्माण कार्य के लिए उनके निजी जनरेटरों का उपयोग किया गया और किसी प्रकार की विद्युत अनियमितता नहीं हुई। कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर दिवाकर बड़ोनी ने भी बताया कि निर्माण कार्य जनरेटरों की सहायता से कराया गया है।
हालांकि क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि यदि पूरा निर्माण कार्य जनरेटरों से किया गया तो उससे संबंधित डीजल खपत, संचालन और रखरखाव के अभिलेख उपलब्ध होने चाहिए। साथ ही यह सवाल भी उठ रहे हैं कि निर्माण अवधि के दौरान संबंधित विभागों द्वारा किस प्रकार की निगरानी की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है। उनका मानना है कि संबंधित विभाग यदि पूरे मामले पर स्पष्ट स्थिति सार्वजनिक कर दें तो उठ रही चर्चाओं और आशंकाओं पर विराम लग सकता है।
फिलहाल करोड़ों की लागत से तैयार हॉस्टल भवन चर्चा का केंद्र बना हुआ है और निर्माण कार्य के दौरान हुई बिजली व्यवस्था को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।
