सोश्यल मीडिया में वायरल कथित सर्वे की खबरों के बीच लालकुआं में भाजपा टिकट को लेकर सियासी हलचल अचानक हुई तेज!
दुमका की दस्तक,उमेश की उम्मीद,दीपेंद्र की विरासत या देवेंद्र का दम,कमलेश की चाल,मुनि का जाल,पवन की ताल और आनंदी के नारी शक्ति बंदन के दांव के बीच टिकट को लेकर चर्चाएं हुई तेज।
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता | लालकुआं
लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के संभावित टिकट दावेदारों के बीच सियासी गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं। सोश्यल मीडिया में वायरल सर्वे में मौजूदा विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट के टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अचानक पार्टी के भीतर कई नाम संभावित दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं। हालांकि टिकट को लेकर अभी कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है, लेकिन दावेदारों की सक्रियता और जनसंपर्क ने क्षेत्र की सियासत को जरूर गरमा दिया है।
भाजपा के भीतर संभावित दावेदारों में पूर्व विधायक नवीन दुमका का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय रहने और लगातार जनसंपर्क बनाए रखने के कारण उनके समर्थक उन्हें मजबूत दावेदार मान रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के राजनीतिक प्रभाव और विरासत से जुड़े दीपेंद्र कोश्यारी का नाम भी चर्चाओं में है। उनके समर्थक राजनीतिक नेटवर्क और पुराने संपर्कों को उनकी ताकत के तौर पर देखते हैं।
इसके अलावा उमेश शर्मा, देवेंद्र बिष्ट, कमलेश चंदोला, कमल मुनि, पवन चौहान और आनंदी गड़िया के नाम भी संभावित दावेदारों के रूप में राजनीतिक चर्चाओं में बने हुए हैं। इनमें किसी की ताकत क्षेत्रीय जनसंपर्क है तो किसी के पास संगठनात्मक सक्रियता, सामाजिक संपर्क अथवा युवा और महिला चेहरे की पहचान का आधार है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो लालकुआं में भाजपा के टिकट का समीकरण केवल व्यक्तिगत लोकप्रियता तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी का आंतरिक सर्वे, संगठन की रिपोर्ट, बूथ स्तर की स्थिति, क्षेत्रीय समीकरण और चुनाव में जीत की संभावनाएं टिकट चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
वर्तमान विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट को लेकर भी क्षेत्र में तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि पार्टी की ओर से उनके टिकट को लेकर किसी प्रकार की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं को फिलहाल राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
लालकुआं की सियासत में इस समय तस्वीर कुछ ऐसी है कि उमेश अपनी उम्मीद के साथ मैदान में हैं, नवीन दुमका लगातार दस्तक दे रहे हैं, दीपेंद्र के साथ राजनीतिक विरासत का आधार है और देवेंद्र युवा ऊर्जा के सहारे अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। कमलेश का सामाजिक संपर्क, मुनि की संगठनात्मक सक्रियता, पवन की राजनीतिक रणनीति और आनंदी गड़िया का महिला चेहरा भी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को ही करना है। टिकट की दौड़ में कौन आगे है और किसके पक्ष में संगठन का फीडबैक जाता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
लालकुआं की सियासी बिसात पर फिलहाल कई चेहरे हैं और हर चेहरे के साथ अपना राजनीतिक गणित। ऐसे में सवाल यही है कि भाजपा नेतृत्व जनसंपर्क, संगठन, राजनीतिक अनुभव, विरासत, युवा ऊर्जा और चुनावी जीत की संभावनाओं में किस समीकरण को प्राथमिकता देता है।
फिलहाल लालकुआं की सियासत में चर्चा का केंद्र एक ही सवाल है कमल का टिकट किसके नाम होगा?
आने वाले दिनों में भाजपा के सर्वे और संगठनात्मक फीडबैक के साथ इस सवाल का जवाब तलाशने की कोशिशें और तेज होने की संभावना है। तब तक लालकुआं की सियासी बिसात पर हर दावेदार अपनी चाल चलने में जुटा है।
