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खड़गे की रैली के बाद कांग्रेस ने तेज किया सियासी संग्राम, बुद्ध पार्क में कांग्रेस का हल्लाबोल!

‘शुद्धिकरण’ को दलित समाज का अपमान बता कांग्रेस ने फूंका भाजपा का पुतला, सरकार पर साधा निशाना!

दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता।

हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की आठ अगस्त को रामलीला मैदान में हुई ‘विजय शंखनाद रैली’ के बाद शुरू हुआ सियासी विवाद बुधवार को बुद्ध पार्क पहुंच गया। रैली के बाद रामलीला मैदान में हवन-यज्ञ और गंगाजल छिड़ककर किए गए कथित ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने भाजपा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने भाजपा का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने कथित शुद्धिकरण को दलित समाज के सम्मान, स्वाभिमान और सामाजिक समानता पर चोट बताते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला।

नैनीताल जिला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल छिमवाल ने कहा कि भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता समय-समय पर सामने आती रही है। रामलीला मैदान में हुआ कथित शुद्धिकरण सामाजिक सौहार्द और संविधान की समानता की भावना के खिलाफ है। लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी व्यक्ति की जाति को आधार बनाकर उसके कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थल को ‘शुद्ध’ करने की मानसिकता स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने भाजपा से मामले में स्थिति स्पष्ट करने और दलित समाज से माफी मांगने की मांग की।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेंद्र बोरा ने कहा कि देश का संविधान हर नागरिक को बराबरी का अधिकार देता है। किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान को आधार बनाकर उसके कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थल का शुद्धिकरण किया जाना बेहद गंभीर और निंदनीय है। कांग्रेस ऐसी मानसिकता के खिलाफ मजबूती से खड़ी है। राजनीतिक दलों के बीच विचारों का संघर्ष हो सकता है, लेकिन जाति के आधार पर किसी नेता अथवा समाज को अपमानित करने की कोशिश लोकतांत्रिक और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है।

पूर्व कैबिनेट मंत्री के पुत्र एवं कांग्रेस नेता हेमवती नंदन दुर्गापाल ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक और वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की जाति को आधार बनाकर उसके कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थल का शुद्धिकरण किया जाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान, सामाजिक समानता और भाईचारे के सिद्धांतों में विश्वास करती है। भाजपा को कांग्रेस के कार्यक्रमों को लेकर विवाद खड़ा करने के बजाय जनता से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी।

नव नियुक्त कांग्रेस प्रदेश सचिव शंकर जोशी ने कहा कि रामलीला मैदान में किया गया कथित शुद्धिकरण बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों की लड़ाई हो सकती है, लेकिन किसी व्यक्ति की जाति और सामाजिक पहचान को लेकर इस तरह की मानसिकता समाज को बांटने का काम करती है। जोशी ने कहा कि कांग्रेस संविधान और सामाजिक समानता के मूल्यों के साथ खड़ी है और समाज में भेदभाव पैदा करने वाली किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को ऐसे संवेदनशील मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष इंद्रपाल आर्य ने कहा कि यह केवल मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान नहीं, बल्कि पूरे अनुसूचित जाति समाज के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमा का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में भेदभाव और वैमनस्य को बढ़ावा देती हैं। कांग्रेस ऐसी मानसिकता का लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध करेगी।

महानगर हल्द्वानी राजीव गांधी पंचायती राज की समन्वयक राधा आर्य ने भी कथित शुद्धिकरण की निंदा करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थल पर इस तरह की कार्रवाई सामाजिक समानता की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर स्तर पर इसका विरोध करेगी।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और भाजपा का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो अनुसूचित जाति समाज लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

कांग्रेस ने आठ अगस्त की रैली के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। नेताओं का आरोप है कि खड़गे की सभा में शामिल होने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन ने कई स्थानों पर रोकने का प्रयास किया और उनके साथ अभद्रता की। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

रामलीला मैदान के कथित ‘शुद्धिकरण’ और रैली के दौरान पुलिस की भूमिका को लेकर कांग्रेस के विरोध के बाद हल्द्वानी का सियासी तापमान बढ़ गया है। कांग्रेस ने जहां इस पूरे प्रकरण को सामाजिक सम्मान और संविधान से जोड़ दिया है, वहीं भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव को और हवा दे सकता है।

प्रदर्शन में प्रदेश सचिव सोशल मीडिया उत्तराखंड विनोद कुमार पिन्नू, ललित जोशी, हरेंद्र क्वीरा, नीरज तिवारी, गोपाल राम, अर्जुन, सुरेश चंद, बहादुर राम, मनोज, चंद्र प्रकाश, हेमंत बगड़वाल, पूरन, नरेंद्र वर्मा, हेमा, प्रिया, राजपाल, भवान सिंह मेहता, गोपाल सिंह, दीपक, डिमन सिंह, चंदन सिंह, हेमंत पाठक आर्य, संजय कुमार, रोहित कुमार, विकास, राधे, टीकम चंद, ललिता आर्य, हिमांशु, केशर राम, लक्की, मोनू, दिनेश, हेमंती देवी, महेश प्रसाद, राजेंद्र, वीर सिंह, माया देवी, उमा शंकर, सीमा, उमा एवं गीता देवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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