








नैनीताल जिला सहकारी बैंक को मिला नया कप्तान!
रविंद्र सिंह रैकुनी निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित, सहकारिता के पुराने खिलाड़ी के हाथों में बैंक की कमान!
हल्द्वानी। नैनीताल जिला सहकारी बैंक को आखिरकार नया अध्यक्ष मिल गया। सहकारिता क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रविंद्र सिंह रैकुनी अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। अध्यक्ष पद के लिए उनके अलावा किसी अन्य प्रत्याशी के मैदान में नहीं रहने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया में रैकुनी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। उनके निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही बैंक की नई संचालक समिति को नया नेतृत्व भी मिल गया है।
रैकुनी के लिए जिला सहकारी बैंक की कमान संभालना कोई नया अनुभव नहीं है। वह इससे पहले नैनीताल जिला सहकारी बैंक के संचालक के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर के सहकारिता सम्मेलन से जुड़े प्रकाशित दस्तावेजों में वर्ष 2022 में उनका नाम नैनीताल जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, हल्द्वानी के निदेशक के रूप में दर्ज रहा है।
सहकारिता के क्षेत्र में उनकी सक्रियता यहीं तक सीमित नहीं रही। वर्ष 2025 में आयोजित सहकारिता महोत्सव में भी रैकुनी को नैनीताल जिले में सहकारिता के जिला संयोजक के रूप में विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल किया गया था। लंबे समय से सहकारी संस्थाओं और बैंक से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रहने के चलते बैंक की कार्यप्रणाली और सहकारिता तंत्र से उनकी परिचितता को उनकी बड़ी ताकत माना जा रहा है।
नैनीताल जिला सहकारी बैंक के मौजूदा चुनाव में कई पदों पर निर्विरोध निर्वाचन के बाद अध्यक्ष पद की तस्वीर भी लगभग साफ हो गई थी। वार्ड-10 से रैकुनी का नाम भी निर्विरोध चुने गए संचालकों में शामिल रहा। इसके बाद अध्यक्ष पद पर भी उनका निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
वहीं, बैंक के लगातार दो कार्यकाल तक अध्यक्ष रहे राजेंद्र सिंह नेगी इस बार चुनावी प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ सके। लगातार 10 वर्ष तक जिला सहकारी बैंक के निदेशक रहने के बाद तीन वर्ष के अंतराल से जुड़े नियम के चलते उनका नामांकन आगे नहीं बढ़ पाया। ऐसे में बैंक के नेतृत्व परिवर्तन की जमीन पहले ही तैयार हो चुकी थी।
रविंद्र सिंह रैकुनी के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद अब नई संचालक समिति के सामने बैंक को और अधिक प्रभावी बनाने की चुनौती होगी। किसानों, सहकारी समितियों और ग्रामीण क्षेत्र के खाताधारकों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच मजबूत करना उनकी प्राथमिक चुनौतियों में शामिल रहेगा।
खासकर नैनीताल जिले के पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने, किसानों और सहकारी समितियों की जरूरतों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाने की उम्मीद नए नेतृत्व से की जा रही है।
रैकुनी के निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने के बाद सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों और समर्थकों ने उन्हें बधाई देते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
दर्पण न्यूज 24/7
