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जाम से जनता बेहाल, बैठक से प्रधान बाहर!

कैंची धाम की यातायात व्यवस्था पर बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को न बुलाने से नाराजगी, प्रधान संगठन ने जताया आक्रोश।

नैनीताल। कैंची धाम में जाम की समस्या लगातार स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। यातायात व्यवस्था में सुधार को लेकर मंगलवार को नैनीताल में बैठक आयोजित की गई, लेकिन प्रभावित क्षेत्र के कुछ ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों को बैठक की सूचना या आमंत्रण नहीं मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों में नाराजगी सामने आई है। बुधवार को ग्राम प्रधान संगठन और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने बैठक कर इस मामले पर अपना आक्रोश जताया।

ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष जेडी कत्युरा ने कहा कि कैंची धाम क्षेत्र में जाम की स्थिति और उससे स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों, टैक्सी चालकों तथा मरीजों को होने वाली परेशानियों की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सीधे तौर पर रहती है। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में यातायात व्यवस्था से जुड़ी बैठकों में प्रभावित क्षेत्र के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे समस्या के समाधान को लेकर संवाद की गुंजाइश कम होती है। संगठन की मांग है कि आगे होने वाली बैठकों में प्रभावित क्षेत्र के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।

बैठक में सेनेटोरियम-रातीघाट बाईपास मार्ग की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई। ग्राम प्रधान चोरसा किशोर ढैला ने कहा कि बाईपास मार्ग पर सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग और शटल सेवा के संचालन के कारण कई बार यातायात प्रभावित होता है। उनके मुताबिक इस वजह से जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनती है। स्थानीय प्रतिनिधियों ने यातायात प्रबंधन में इन पहलुओं पर भी ध्यान देने की मांग की।

कैंची धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही के साथ यातायात प्रबंधन की चुनौती भी महत्वपूर्ण हो गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि व्यवस्था बनाते समय श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ स्थानीय ग्रामीणों, कारोबारियों और नियमित यात्रियों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

विरोध बैठक में छड़ा खैरना की ग्राम प्रधान ऊषा पिनारी, सिलटोना की ग्राम प्रधान किरन आर्या, तल्लाकोट के ग्राम प्रधान, मझेड़ा के ग्राम प्रधान भास्कर चंद्र, सीम के ग्राम प्रधान खीम सिंह, दिग्थीरी के ग्राम प्रधान दीपक सिंह रावत और बारगल की ग्राम प्रधान गीता पाठक सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

ग्राम प्रधान संगठन ने मांग की कि यातायात व्यवस्था से संबंधित आगामी बैठकों और निर्णय प्रक्रिया में प्रभावित क्षेत्र के ग्राम प्रधानों तथा क्षेत्र पंचायत सदस्यों को शामिल किया जाए। संगठन ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार कर सकते हैं।

कैंची धाम की यातायात समस्या का स्थायी समाधान केवल सड़क पर यातायात नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है। स्थानीय प्रतिनिधियों की भागीदारी, पार्किंग व्यवस्था, बाईपास मार्ग और शटल सेवा जैसे मुद्दों पर समन्वित तरीके से विचार करना भी जरूरी है।

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