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उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न! पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बारिश से बढ़ी ठिठुरन, पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट!

केदारनाथ-गंगोत्री से औली तक बिछी बर्फ की सफेद चादर, चारधाम यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट; ओलावृष्टि और 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी!

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश ने पूरे प्रदेश में ठंड का असर बढ़ा दिया है। केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और औली समेत कई पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात से पहाड़ों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। वहीं देहरादून सहित निचले इलाकों में बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

मौसम के इस बदले मिजाज के बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की भी संभावना है।

केदारनाथ से गंगोत्री तक बर्फबारी, श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह

रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम में सुबह से हो रही बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी है। बदरीनाथ क्षेत्र की ऊंची चोटियों नीलकंठ और नर-नारायण पर्वत पर भी हिमपात की सूचना है। गंगोत्री धाम में तेज बर्फबारी के चलते चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। इसके बावजूद मां गंगा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है।

गंगोत्री मंदिर के पुरोहित रवींद्र सेमवाल के अनुसार, यदि मौसम का यही मिजाज बना रहा तो धाम में काफी मात्रा में बर्फ जम सकती है। देश-विदेश से श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन के साथ इस खूबसूरत प्राकृतिक नजारे का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।

चारधाम यात्रियों की सुरक्षा को पुलिस-प्रशासन तैनात

बदलते मौसम को देखते हुए केदारनाथ धाम में पुलिस और प्रशासनिक टीमों को तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं से गर्म कपड़े पहनने, गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने और ठंड में लंबे समय तक खुले स्थानों पर नहीं रुकने की अपील की गई है। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा अस्वस्थ महसूस होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने प्रतिकूल मौसम में अनावश्यक जोखिम नहीं उठाने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर, मशीनरी तैयार रखने के निर्देश

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने संबंधित जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और खराब मौसम की स्थिति में चारधाम यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने के निर्देश दिए।

भूस्खलन और सड़कें बाधित होने की आशंका को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और सीमा सड़क संगठन सहित संबंधित विभागों को मशीनरी और आवश्यक संसाधन तैयार रखने को कहा गया है, ताकि मार्ग बाधित होने पर तत्काल आवाजाही बहाल की जा सके।

ओलावृष्टि से प्रभावितों को राहत देने के निर्देश

सचिव आपदा प्रबंधन ने ओलावृष्टि से प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित जिलों से आवश्यक मांग और प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता के प्रस्ताव भी तत्काल भेजने को कहा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी प्रभावितों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावों में देरी नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम बिगड़े तो बरतें ये सावधानियां

पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और अन्य आवश्यक सामान साथ रखें। ओलावृष्टि, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें। भूस्खलन संभावित मार्गों पर अनावश्यक रुकने या जोखिम लेने से बचें। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

उत्तराखंड में मौसम के इस बदले मिजाज ने एक बार फिर पहाड़ों में यात्रा, सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को महत्वपूर्ण बना दिया है। आने वाले घंटों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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