लालकुआं दुग्ध संघ ने रचा सफलता का नया कीर्तिमान, उत्तराखंड में मिला सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ का सम्मान! हो
20 हजार लीटर से अधिक दैनिक प्रसंस्करण क्षमता वाले मैदानी क्षेत्र के संघों में वर्ष 2025-26 के लिए हासिल किया पहला स्थान, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने प्रदान किया पुरस्कार!
लालकुआं। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नैनीताल जनपद के लालकुआं दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ ने अपनी कामयाबी का परचम लहराया है। बेहतर कार्यप्रणाली, दुग्ध उपार्जन से जुड़ी गतिविधियों और उपलब्धियों के दम पर लालकुआं दुग्ध संघ को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उत्तराखंड का सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ घोषित किया गया है। इस उपलब्धि ने न केवल लालकुआं बल्कि पूरे नैनीताल जनपद के दुग्ध उत्पादकों और सहकारिता क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
उत्तराखंड सहकारी डेरी फैडरेशन लिमिटेड की ओर से दिए गए प्रमाण-पत्र के अनुसार, 20 हजार लीटर से अधिक दैनिक प्रसंस्करण क्षमता वाले मैदानी क्षेत्र के दुग्ध संघों की श्रेणी में वित्तीय वर्ष 2025-26 के उपार्जन संबंधी गतिविधियों के आंकड़ों के आधार पर लालकुआं दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए चुना गया है।
03 अक्टूबर 2026 को शक्तिफार्म उधम सिंह नगर में आयोजित पशुपालन चिंतन गोष्ठी एवं मेले में प्रदेश के पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने अपने करकमलों से संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। प्रमाण पत्र उत्तराखंड सहकारी डेरी फैडरेशन के प्रबंध निदेशक जयदीप अरोड़ा, सामान्य प्रबंधक आरएम तिवारी तथा उप महाप्रबंधक पीएस नागपाल के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
इस सम्मान को लालकुआं दुग्ध संघ की कार्यक्षमता और दुग्ध उत्पादकों के योगदान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खास बात यह है कि दुग्ध उत्पादन से जुड़े ग्रामीण परिवारों, पशुपालकों और सहकारी व्यवस्था की मेहनत ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है।
पुरस्कार ने बढ़ाई उम्मीदें, अब सुविधाओं पर भी उठेंगी निगाहें!
लालकुआं दुग्ध संघ को प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ होने का सम्मान मिलना निश्चित रूप से गौरव की बात है, लेकिन इस उपलब्धि के साथ पशुपालकों की अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं। अब देखना होगा कि संघ इस सम्मान को आगे बढ़ाते हुए दुग्ध उत्पादकों को बेहतर भुगतान, पशु चिकित्सा सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण पशु आहार और दुग्ध संग्रहण व्यवस्था को कितना मजबूत करता है।
फिलहाल लालकुआं दुग्ध संघ के खाते में दर्ज यह उपलब्धि तराई-भाबर के दुग्ध उत्पादकों के लिए गर्व का विषय बन गई है।

