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भीमताल में मुकेश बोरा की दावेदारी से गरमाई भाजपा की सियासत, कैड़ा के सामने अपनों की चुनौती बनी मुसीबत!

12 नेताओं ने पेश किया टिकट का दावा, दुग्ध संघ अध्यक्ष की एंट्री ने चुनावी चर्चाओं को दिया नया मोड़

भीमताल। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच भीमताल भाजपा में टिकट को लेकर दावेदारों की कतार लंबी होती जा रही है। वर्तमान विधायक एवं कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा की सीट पर एक दर्जन नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश कर दी है। लेकिन इस सियासी हलचल के बीच नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा की दावेदारी ने राजनीतिक चर्चाओं को खासा गर्मा दिया है।

भाजपा संगठन की ओर से दावेदारों का मन टटोलने पहुंचे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के सामने नेताओं ने अपनी-अपनी दावेदारी रखी। इस दौरान दर्जा राज्य मंत्री ध्रुव रौतेला, खीमा शर्मा, ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट, भावना मेहरा, देवेंद्र ढैला, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक दान सिंह भंडारी और मनोज साह समेत 12 नेताओं ने टिकट की इच्छा जताई।

इसी सूची में मुकेश बोरा का नाम जुड़ना चर्चा का विषय बन गया है। दुग्ध सहकारिता के क्षेत्र में सक्रिय बोरा ने भी भीमताल से विधानसभा चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश कर दी है। उनकी इस पहल ने टिकट की दौड़ को एक नया राजनीतिक कोण दे दिया है। अब चर्चा केवल मौजूदा विधायक और उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सहकारिता से जुड़े नेतृत्व की चुनावी महत्वाकांक्षा भी सामने आ गई है।

पूर्व जिला मंत्री एवं पूर्व सैनिक कुंदन चिलवाल, भाजपा जिला मंत्री मनोज भट्ट और दिनेश सांगुड़ी ने भी अपनी दावेदारी रखी है।

कैड़ा की सीट पर अपनों के दावे, संगठन के सामने चयन की चुनौती!

भीमताल में टिकट की इस हलचल का सबसे अहम पहलू यह है कि मौजूदा विधायक राम सिंह कैड़ा की सीट पर पार्टी के भीतर से ही कई दावेदार सामने आ रहे हैं। एक ओर कैड़ा का मौजूदा राजनीतिक दायित्व है, तो दूसरी ओर संगठन के अलग-अलग स्तरों पर सक्रिय नेता टिकट के लिए अपनी दावेदारी जता रहे हैं।

मुकेश बोरा की दावेदारी ने इस मुकाबले में सहकारिता क्षेत्र की भूमिका को भी चर्चा में ला दिया है। सवाल यह है कि भाजपा नेतृत्व मौजूदा विधायक के अनुभव, संगठन के भीतर उभरती दावेदारियों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के बीच किस आधार पर निर्णय लेगा?

फिलहाल भीमताल में टिकट की चर्चा तेज है। चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही भाजपा के भीतर दावेदारी का यह दौर बता रहा है कि इस सीट पर प्रत्याशी चयन को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

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