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आंवले की खेती बनी किसानों की कमाई का मजबूत जरिया, सिर्फ 3 साल बाद शुरू हो जाती है लाखों की आमदनी।
दर्पण न्यूज 24×7।
लालकुआं।
औषधीय गुणों से भरपूर आंवला (इंडियन गूसबेरी) आज किचन से लेकर क्लिनिक और कॉस्मेटिक उद्योग तक बड़ी मात्रा में उपयोग किया जा रहा है। आयुर्वेद में ‘अमृतफल’ कहा जाने वाला आंवला बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच लोगों के लिए प्राकृतिक आरोग्य का बड़ा स्रोत बना है। इसकी बढ़ती मांग ने किसानों को भी आंवले की ओर तेजी से आकर्षित किया है, क्योंकि विशेषज्ञों के अनुसार किसान इसकी खेती से आसानी से लाखों रुपये की आमदनी कमा सकते हैं।
उचित मिट्टी का चयन आंवले की खेती की सफलता की कुंजी।
जानकार बताते हैं कि आंवला बहुवर्षीय फल है, लेकिन बेहतर उत्पादन के लिए जुलाई से सितंबर के बीच रोपाई करना सबसे उपयुक्त समय है। बरसाती मौसम में मिट्टी में नमी अधिक होने से पौधों की वृद्धि तेज होती है और सिंचाई का खर्च भी बचता है।
हालांकि खेती से पहले दोमट मिट्टी का चयन और खेत में उत्तम जल निकासी की व्यवस्था बेहद जरूरी है, वरना जल-जमाव पौधों को नुकसान पहुंचा सकता है।
सिर्फ 3 साल बाद फल देने लगता है पेड़
दर्पण न्यूज 24×7 के लिए तैयार आकर्षक हेडिंग सहित खबर

आंवले की खेती बनी किसानों की कमाई का मजबूत जरिया, सिर्फ 3 साल बाद शुरू हो जाती है लाखों की आमदनी

दर्पण न्यूज 24×7। औषधीय गुणों से भरपूर आंवला (इंडियन गूसबेरी) आज किचन से लेकर क्लिनिक और कॉस्मेटिक उद्योग तक बड़ी मात्रा में उपयोग किया जा रहा है। आयुर्वेद में ‘अमृतफल’ कहा जाने वाला आंवला बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच लोगों के लिए प्राकृतिक आरोग्य का बड़ा स्रोत बना है। इसकी बढ़ती मांग ने किसानों को भी आंवले की ओर तेजी से आकर्षित किया है, क्योंकि विशेषज्ञों के अनुसार किसान इसकी खेती से आसानी से लाखों रुपये की आमदनी कमा सकते हैं।

उचित मिट्टी का चयन आंवले की खेती की सफलता की कुंजी

जानकार बताते हैं कि आंवला बहुवर्षीय फल है, लेकिन बेहतर उत्पादन के लिए जुलाई से सितंबर के बीच रोपाई करना सबसे उपयुक्त समय है। बरसाती मौसम में मिट्टी में नमी अधिक होने से पौधों की वृद्धि तेज होती है और सिंचाई का खर्च भी बचता है।
हालांकि खेती से पहले दोमट मिट्टी का चयन और खेत में उत्तम जल निकासी की व्यवस्था बेहद जरूरी है, वरना जल-जमाव पौधों को नुकसान पहुंचा सकता है।
सिर्फ 3 साल बाद फल देने लगता है पेड़!
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आंवले का पौधा तीसरे साल से फल देना शुरू कर देता है, जबकि 9 से 10 साल की उम्र में एक पेड़ से 1 क्विंटल से अधिक उत्पादन मिलता है। इस अवधि में किसान बेहतर देखभाल कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
50–60 साल तक देता है लगातार कमाई!
सबसे अहम बात यह है कि आंवले के पेड़ की उम्र 50–60 साल होती है। यानी एक बार बगान तैयार होने के बाद किसान आने वाले दशकों तक लगातार आमदनी करते रहेंगे।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आंवले का पौधा तीसरे साल से फल देना शुरू कर देता है, जबकि 9 से 10 साल की उम्र में एक पेड़ से 1 क्विंटल से अधिक उत्पादन मिलता है। इस अवधि में किसान बेहतर देखभाल कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
50–60 साल तक देता है लगातार कमाई!
सबसे अहम बात यह है कि आंवले के पेड़ की उम्र 50–60 साल होती है। यानी एक बार बगान तैयार होने के बाद किसान आने वाले दशकों तक लगातार आमदनी करते रहेंगे।

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