

बिंदुखत्ता की लड़ाई फिर सड़क पर: राजस्व गांव की अधिसूचना समेत नौ मांगों को लेकर क्रमिक अनशन शुरू!
शहीद स्मारक स्थल पर आठ ग्रामीण बैठे अनशन पर, बिंदुखत्ता से लालकुआं तक निकला जुलूस, सरकार से मांगा ठोस फैसला!
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर सड़क पर आ गई है। नौ सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने शुक्रवार से शहीद स्मारक स्थल पर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। आंदोलन के पहले दिन आठ ग्रामीण अनशन पर बैठे। इससे पहले बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बिंदुखत्ता से लालकुआं तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और सरकार से लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लेने की मांग उठाई।
शहीद स्मारक स्थल पर आयोजित सभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने आठ ग्रामीणों को माला पहनाकर क्रमिक अनशन पर बैठाया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग कोई नई मांग नहीं है। वर्षों से ग्रामीण इस मुद्दे को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है।
राजस्व गांव के साथ गौला तटबंध भी प्रमुख मांग!
आंदोलनकारियों ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने के साथ गौला नदी में बाढ़ और भू-कटाव से स्थायी सुरक्षा के लिए मजबूत तटबंध निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई। वक्ताओं का कहना था कि बरसात के दौरान गौला का कटाव क्षेत्र के लिए लगातार खतरा बना रहता है और ग्रामीणों को स्थायी समाधान का इंतजार है।
इसके अलावा अशोक चक्र से सम्मानित शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के नाम से स्वीकृत स्टेडियम का शीघ्र निर्माण सहित कुल नौ सूत्रीय मांगों के समाधान की मांग की गई।
जुलूस में गूंजा सवाल—कब तक इंतजार करेंगे बिंदुखत्ता के लोग?
सभा के बाद इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में ग्रामीणों का काफिला जुलूस की शक्ल में लालकुआं शहर की ओर रवाना हुआ। जुलूस रेलवे स्टेशन चौराहे तक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। इसके बाद प्रदर्शनकारी वापस शहीद स्मारक स्थल पहुंचे और क्रमिक अनशन शुरू किया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि बिंदुखत्ता की समस्याओं को लेकर समय-समय पर आंदोलन होते रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों को अभी भी ठोस और अंतिम समाधान का इंतजार है। ऐसे में इस बार आंदोलन को क्रमिक अनशन के रूप में आगे बढ़ाया गया है।
पहले दिन ये ग्रामीण बैठे अनशन पर!
क्रमिक अनशन के पहले दिन कुंदन सिंह मेहता, राजेंद्र सिंह चौहान, त्रिलोक सिंह मेहता, बीना जोशी, बिमला पाल, मीना कपिल, दीपा बिष्ट और उर्मिला धामी अनशन पर बैठे।
इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेंद्र बोरा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रदीप सिंह बथ्याल, राजेंद्र सिंह खनवाल, पुष्कर सिंह दानू, गिरधर बम, गुरदयाल मेहरा, कैलाश पांडे, आनंद सिंह नेगी, शेखर जोशी, प्रमोद कॉलोनी, विजय सामंत, इंद्र सिंह पनेरी, हेमवती नंदन दुर्गापाल, एडवोकेट बालम बिष्ट, शंकर जोशी, किरन डालाकोटी, संध्या डालाकोटी, मुन्ना बिष्ट, रमेश कुमार, लक्ष्मण धपोला, पुष्कर दुबडिया, भुवन जोशी, बिशन दत्त जोशी, गोविंद दानू, विनोद बिष्ट, चंदन बोरा, फूला देवी, हेमा आर्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
अब नजर सरकार के अगले कदम पर!
बिंदुखत्ता में राजस्व गांव की मांग को लेकर आंदोलन का एक और चरण शुरू हो गया है। ग्रामीणों की नौ सूत्रीय मांगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार आंदोलन के दबाव के बीच सरकार राजस्व गांव की अधिसूचना समेत अन्य मांगों पर कोई ठोस निर्णय लेती है या फिर बिंदुखत्ता के ग्रामीणों को एक और आंदोलन का इंतजार करना पड़ेगा?
