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बजट सत्र से पहले गैरसैंण में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उबाल, महिलाओं ने खोला मोर्चा!
प्रमोद बमेटा ब्यूरोचीफ दर्पण न्यूज 24/7 उत्तराखंड!

गैरसैंण।
भराड़ीसैंण में प्रस्तावित बजट सत्र से ठीक पहले गैरसैंण में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जनाक्रोश सड़कों पर उतर आया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण में विशेषज्ञ चिकित्सकों और जरूरी संसाधनों की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा महिला मंगल दलों की महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में एकत्रित महिलाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा, रेडियोलॉजिस्ट, सर्जन, फिजिशियन, ऑपरेशन थिएटर (ओटी) सहित आवश्यक स्वास्थ्य संसाधनों की तत्काल व्यवस्था की मांग उठाई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने रामलीला मैदान से मुख्य बाजार होते हुए तहसील कार्यालय तक जुलूस निकालकर सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। तहसील पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष एवं व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि वर्षों से गैरसैंण स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली को लेकर आंदोलन किए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 9 मार्च से पहले अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो भराड़ीसैंण में होने वाले बजट सत्र का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 25 हजार करोड़ रुपये के विकास पैकेज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि गैरसैंण क्षेत्र में अब तक क्या विकास कार्य हुए हैं। आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है और बजट सत्र के नाम पर गैरसैंण में “चार दिन की पिकनिक” मनाने आ रही है।
कांग्रेस नगर अध्यक्ष कुंवर सिंह रावत ने कहा कि सरकार विकास के बड़े दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद रेडियोलॉजिस्ट नहीं है, महिला रोग विशेषज्ञ तैनात हैं लेकिन ओटी नहीं, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ हैं पर सर्जन का अभाव है। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी बेअसर साबित हो रही है।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुमति विष्ट ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है और कई मामलों में जान तक गंवानी पड़ रही है। मरीजों को मजबूरन रानीखेत और श्रीनगर रेफर किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट आंदोलन करने का आह्वान किया।
वहीं भाजपा महिला मोर्चा नगर अध्यक्ष लक्ष्मी रावत ने भी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान महिलाओं का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर समस्याएं उठाएगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अर्जुन रावत ने बताया कि अस्पताल में ओटी सहित अन्य सुविधाओं के विकास के लिए एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) की डीपीआर तैयार कर शासन और भारत सरकार को भेज दी गई है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बढ़ते जनदबाव के बीच अब सबकी निगाहें बजट सत्र से पहले सरकार की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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