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तिवारी नगर बिंदुखत्ता में मानवता की मिसाल — गौ सेवक लीलाधर पांडे ने भूमि दान कराई, लाखन सिंह मेहता और ग्रामीणों की पहल से बन रही गौशाला।
वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र शर्मा की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।
लालकुआँ/बिंदुखत्ता।
तिवारी नगर बिंदुखत्ता में निराश्रित गौवंश को सहारा देने की दिशा में एक बेहद सराहनीय और मार्मिक पहल सामने आई है। गौ सेवक लीलाधर पांडे द्वारा अपनी निजी भूमि दान किए जाने के बाद समाजसेवी लाखन सिंह मेहता और क्षेत्र के ग्रामीणों के अथक सहयोग से यहां गौशाला का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
ग्रामवासियों की यह सामूहिक पहल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। हर वर्ग के लोग आर्थिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से इस कार्य में सहयोग दे रहे हैं, जिससे निराश्रित और बीमार गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सकेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसों से आवारा और घायल गौवंश सड़कों पर भटकते हुए दिखाई देते थे, जिन्हें भोजन, चिकित्सा और सुरक्षित स्थान की अत्यंत आवश्यकता थी। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए तिवारी नगर के लोगों ने मिलकर गौ संरक्षण का यह बड़ा कदम उठाया है।
गौशाला निर्माण के बाद यहां निराश्रित पशुओं के रहने, उपचार और चारे-पानी की समुचित व्यवस्था की जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि यह गौशाला केवल एक इमारत नहीं, बल्कि “मानवता, संवेदना और सामूहिक प्रयास की प्रतीक” बनने जा रही है।
क्षेत्र के सामाजिक संगठनों, युवा समूहों और महिलाओं की भी इस नेक मुहिम में अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि—
“हमारा उद्देश्य केवल गौवंश को आश्रय देना नहीं, बल्कि समाज में पशु संरक्षण की सकारात्मक सोच को मजबूत करना है।”
इस मार्मिक पहल ने तिवारी नगर बिंदुखत्ता को एक नई पहचान दिलाई है और क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।

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