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महाशिवरात्रि पर मां अवंतिका धाम में बरसा दिव्य आशीर्वाद!
सतपाल महाराज ने किया जलाभिषेक, मंदिर जीर्णोद्धार का लिया संकल्प — आध्यात्मिक लेखक की ‘मां पीतांबरी’ पुस्तक बनी श्रद्धा का विशेष प्रतीक!
दर्पण न्यूज 24/7 एक्सक्लूसिव
लालकुआं। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उत्तराखंड के पावन नगर लालकुआं स्थित मां अवंतिका कुंज देवी मंदिर प्रांगण उस समय शिवमय हो उठा, जब प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं देश के प्रख्यात संत सतपाल महाराज ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु सहयोग का आश्वासन दिया।
महाशिवरात्रि के इस दिव्य अवसर पर सतपाल महाराज ने भगवान शिव के पावन शिवलिंग का जलाभिषेक कर समस्त प्रदेश और देशवासियों के सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने मां अवंतिका की मूर्ति के समक्ष श्रद्धा-सुमन अर्पित कर भक्तों को आशीर्वाद दिया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मां अवंतिका की सच्चे मन से की गई पूजा कभी व्यर्थ नहीं जाती, मां अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं। उन्होंने मंदिर कमेटी द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए मंदिर परिसर में चहारदीवारी और धर्मशाला निर्माण के लिए शीघ्र ही ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया।
‘मां पीतांबरी’ पुस्तक बनी आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र!
इस आध्यात्मिक अवसर की विशेषता तब और बढ़ गई, जब सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक लेखक रमाकांत पंत ने कैबिनेट मंत्री को अपनी चर्चित आध्यात्मिक कृति मां पीतांबरी भेंट की।
यह पुस्तक मां की महिमा, शक्ति और भक्त एवं देवी के दिव्य संबंध का आध्यात्मिक वर्णन करती है। पुस्तक भेंट करते हुए रमाकांत पंत ने कहा कि यह कृति मां की कृपा, साधना और भक्ति की उस दिव्य अनुभूति का माध्यम है, जो भक्त को आत्मिक शांति और ऊर्जा प्रदान करती है। सतपाल महाराज ने पुस्तक को अत्यंत श्रद्धा से स्वीकार करते हुए इसकी सराहना की और इसे आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाली प्रेरणादायक रचना बताया।
श्रद्धा, आस्था और जनसहभागिता का अद्भुत संगम!
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण okखाती, विधायक प्रतिनिधि गोविंद सिंह राणा, मंदिर कमेटी के महामंत्री भुवन पांडे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे मंदिर परिसर में “हर हर महादेव” और “जय मां अवंतिका” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया।
(विशेष संवाददाता | दर्पण न्यूज 24/7)

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