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अवंतिका धाम में आस्था, साहित्य और विकास का त्रिवेणी संगम सतपाल महाराज को भेंट हुई आध्यात्मिक कृतियाँ, धर्मशाला व सौंदर्यीकरण हेतु सौंपा गया ज्ञापन!

दर्पण न्यूज 24/7 विशेष

लालकुआँ (नैनीताल)। देवभूमि उत्तराखंड की पुण्य धरा पर स्थित माँ अवंतिका कुंज शक्तिपीठ महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति, आध्यात्म और जनहित के समन्वय का साक्षी बना। अवंतिका धाम में एक ओर वरिष्ठ पत्रकार रमाकान्त पन्त ने कैबिनेट मंत्री एवं प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु सतपाल महाराज को अपनी आध्यात्मिक कृतियाँ भेंट कर सनातन परंपरा के संरक्षण का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु धर्मशाला, बाउंड्री वॉल और सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए ज्ञापन सौंपकर विकास की मांग को सशक्त स्वर दिया।

महाशिवरात्रि के दिव्य वातावरण में वरिष्ठ पत्रकार रमाकान्त पन्त ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से भेंट कर अपनी दो आध्यात्मिक पुस्तकें — “जय माँ बगलामुखी” एवं “जय माँ भद्रकाली” — ससम्मान भेंट कीं। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री पन्त ने माँ अवंतिका धाम की पौराणिकता, ऐतिहासिक महत्ता और क्षेत्रीय आस्था में इसके विशिष्ट स्थान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह धाम न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, बल्कि इसकी आध्यात्मिक परंपरा इसे व्यापक धार्मिक परिप्रेक्ष्य में अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने पुस्तकों को स्वीकार करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि देवभूमि के शक्तिपीठों, मंदिरों और सनातन संस्कृति का लेखन एवं दस्तावेजीकरण समय की आवश्यकता है। उन्होंने मंदिर की गरिमा, आध्यात्मिक विरासत और इसके संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इसी दौरान माँ अवंतिका कुंज शक्तिपीठ देवी मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा गया। मंदिर समिति के महामंत्री भुवन पाण्डे ने ज्ञापन के माध्यम से मंदिर परिसर में धर्मशाला निर्माण, बाउंड्री वॉल (चहारदीवारी) निर्माण एवं समग्र सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए समुचित धनराशि स्वीकृत करने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि लालकुआँ कुमाऊँ का प्रवेश द्वार होने के कारण यहां देशभर से श्रद्धालुओं का आवागमन होता है, किंतु उपयुक्त धर्मशाला के अभाव में यात्रियों और जरूरतमंदों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ज्ञापन में मंदिर परिसर की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए बाउंड्री वॉल निर्माण को अत्यंत आवश्यक बताया गया। समिति ने यह भी उल्लेख किया कि प्राचीन शक्तिपीठ होने के बावजूद पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में इस धाम को वह सम्मान और पहचान नहीं मिल पाई है, जिसका यह अधिकारी है। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा क्षेत्र की धार्मिक और पर्यटन संभावनाओं को नई दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी, पूर्व चेयरमैन पवन चौहान, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती, विधायक प्रतिनिधि गोविंद सिंह राणा, मंदिर समिति के महामंत्री भुवन पाण्डे सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर परिसर “जय माँ अवंतिका” और “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान हो उठा, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था से ओतप्रोत हो गया।

अवंतिका धाम में यह आयोजन न केवल भक्ति और आध्यात्म का प्रतीक बना, बल्कि यह भी संदेश दे गया कि जब आस्था, साहित्य और जनसहयोग एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो धार्मिक विरासत के संरक्षण और विकास का मार्ग स्वतः प्रशस्त हो जाता है।

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