उत्तराखंड में फर्जी गन लाइसेंस का जाल! 2015 के बाद अन्य राज्यों से ट्रांसफर लाइसेंसों की STF जांच, एक आरोपी गिरफ्तार!
दर्पण न्यूज 24
देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने वर्ष 2015 के बाद अन्य राज्यों से उत्तराखंड में ट्रांसफर किए गए सभी शस्त्र लाइसेंसों का विवरण जिलों से तलब किया है। यह कार्रवाई हाल ही में STF द्वारा फर्जी गन लाइसेंस गिरोह का भंडाफोड़ किए जाने के बाद की गई है।
STF ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान प्रेमनगर निवासी मनोज के रूप में हुई है। हालांकि, आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया जा रहा है।
STF देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि उन्हें इनपुट मिले थे कि अन्य राज्यों के फर्जी गन लाइसेंस देहरादून में ट्रांसफर कराए जा रहे हैं। इसके बाद मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी गन लाइसेंस बनवाने के लिए करीब चार लाख रुपये का भुगतान किया था। आरोपी ने पहले मेरठ में चार लाख रुपये देकर अपना शस्त्र लाइसेंस पंजीकृत कराया और बाद में उसे देहरादून ट्रांसफर करा लिया। सत्यापन के दौरान यह लाइसेंस फर्जी पाया गया, जिसके बाद STF ने कार्रवाई की।
SSP भुल्लर ने बताया कि सभी जिलों से विवरण प्राप्त होने के बाद एक समर्पित टीम यह जांच करेगी कि जिन स्थानों से लाइसेंस ट्रांसफर हुए हैं, वे वहां वास्तव में पंजीकृत थे या नहीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी शस्त्र लाइसेंस का ट्रांसफर फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के आधार पर उत्तराखंड में किया गया पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
STF की इस कार्रवाई से प्रदेश में अवैध और फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क पर बड़ी चोट मानी जा रही है।
