हल्द्वानी से दिल्ली तक एक्सप्रेस-वे की बड़ी मांग—सांसद अजय भट्ट ने नितिन गडकरी से मिलकर रखा प्रस्ताव।
नई दिल्ली/हल्द्वानी।
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व नैनीताल-ऊधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद अजय भट्ट ने केंद्र सरकार के समक्ष एक महत्वपूर्ण एक्सप्रेस-वे परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की मांग उठाई है। शुक्रवार को उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर हल्द्वानी-गदरपुर-मुरादाबाद/रामपुर-संभल/चंदौसी–गंगा एक्सप्रेसवे–अनूपशहर–खुर्जा–जेवर से दिल्ली तक लगभग 300 किमी लम्बे एक्सप्रेस-वे के निर्माण का विस्तृत प्रस्ताव रखा।
सांसद भट्ट ने बताया कि क्षेत्रीय जनता ने लम्बे समय से हल्द्वानी से दिल्ली तक तेज, सुरक्षित और चौड़ी सड़क की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जैसे दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे ने आवागमन की तस्वीर बदल दी है, उसी तर्ज पर हल्द्वानी से दिल्ली तक का नया एक्सप्रेस-वे भी लाखों लोगों को लाभ पहुंचाएगा।
कई जिलों की कनेक्टिविटी में होगा बड़ा सुधार
भट्ट ने कहा कि एक्सप्रेस-वे बनने से ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों की दिल्ली से दूरी और समय—दोनों कम होंगे।
इसके साथ ही औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक पार्क, व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पहाड़ी भूगोल के कारण उत्तराखंड में सीमित क्षेत्र ही औद्योगिक विकास के लिए उपयोगी हैं, ऐसे में यह परियोजना तराई क्षेत्र के लिए आर्थिक क्रांति साबित हो सकती है।
गदरपुर–रुद्रपुर से जेवर तक आवागमन होगा आसान।
सांसद ने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे गदरपुर, बाजपुर, रुद्रपुर से लेकर जेवर तक आवागमन का समय कम करेगा और गंगा एक्सप्रेस-वे तथा दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़कर पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
काठगोदाम–नेपाल एशियन हाईवे का भी प्रस्ताव।
बैठक के दौरान सांसद भट्ट ने। काठगोदाम-चोरगलिया-बनबसा-टनकपुर तक लगभग 100 किमी लम्बे एशियन हाईवे के निर्माण की भी मांग उठाई। उन्होंने बताया कि यह मार्ग कुमाऊँ के पर्यटन स्थलों—जैसे नैनीताल, भीमताल, रानीखेत, जागेश्वर, मुनस्यारी, धारचूला, आदि कैलाश, पिथौरागढ़ की व्यास व दारमा घाटी—को देश-विदेश से जोड़ने में बेहद कारगर होगा।
धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक पहुंच होगी आसान
सांसद ने कहा कि परियोजनाएं तैयार होने से माँ पूर्णागिरि धाम, नानक सागर, जिम कॉर्बेट, नेपाल सीमा और उत्तराखंड के कई दूरस्थ धार्मिक स्थलों तक पहुँच तेज, सुरक्षित और सुगम होगी।
प्राकृतिक आपदाओं में भी मददगार
उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे आपातकालीन स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।
अंत में सांसद अजय भट्ट ने कहा कि जनहित और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए इन परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी मिलनी चाहिए।
