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पश्चिम एशिया संकट पर हाई अलर्ट: पीएम मोदी की आपात बैठक, ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा मंथन!
दर्पण न्यूज 24/7 | नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच भारत सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय आपात बैठक की अध्यक्षता करते हुए देश की ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन को लेकर बड़ा मंथन किया।
बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे।
ऊर्जा संकट पर फोकस!
सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य एजेंडा कच्चे तेल, गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की समीक्षा करना रहा। साथ ही बिजली और उर्वरक सेक्टर की तैयारियों पर भी गहन चर्चा की गई। सरकार का स्पष्ट फोकस है कि देश में किसी भी हाल में सप्लाई चेन बाधित न हो और आम जनता व उद्योगों पर न्यूनतम असर पड़े।
🌍 होर्मुज जलडमरूमध्य बना चिंता का केंद्र
बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस गुजरता है। पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से जारी संघर्ष के चलते इस महत्वपूर्ण रूट पर संकट गहराने की आशंका है।
वैश्विक बाजार में बढ़ी चिंता!
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे कीमतों में उछाल और आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह स्थिति गंभीर चुनौती बन सकती है।
सरकार की रणनीति तैयार!
सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। वैकल्पिक स्रोतों, रणनीतिक भंडार और आपूर्ति मार्गों पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, यह बैठक भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार की सतर्कता और तत्परता का बड़ा संकेत मानी जा रही है।

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