








जन्मदिन की खुशी समेत तमाम शुभ अवसर अब बनेंगे जरूरतमंदों की उम्मीद, हेमंत नरूला ने शुरू की नई सकारात्मक परंपरा।
शुभम अंडोला की पहल पर स्थापित हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट से लगातार जुड़ रहे समाजसेवी, जरूरतमंदों की मदद को जनसहयोग की मुहिम बनाने में खुलकर आगे आ रहे हैं समाजसेवी
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो
प्रमोद बमेटा
लालकुआं। गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद परिवारों की फौरी मदद के उद्देश्य से समाजसेवी शुभम अंडोला द्वारा शुरू की गई पहल और उनके प्रयासों से स्थापित हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट अब धीरे-धीरे जनसहयोग की एक मजबूत मुहिम का रूप लेने लगा है। बीमारी, इलाज अथवा अचानक आई आर्थिक विपदा में जरूरतमंदों के साथ खड़े होने के इस प्रयास से प्रेरित होकर अब समाज के सक्षम लोग अपनी खुशियों को भी जरूरतमंदों के साथ बांटने के लिए आगे आने लगे हैं।
इसी सकारात्मक मुहिम को आगे बढ़ाते हुए लालकुआं के प्रमुख व्यवसायी एवं समाजसेवी हेमंत नरूला ने अपने जन्मदिन को खास अंदाज में मनाते हुए ट्रस्ट को 11 हजार रुपये का सहयोग प्रदान किया। उन्होंने जन्मदिन पर अनावश्यक खर्च करने के बजाय जरूरतमंदों की मदद में अपना योगदान देकर एक ऐसी सकारात्मक परंपरा की शुरुआत की, जो समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरित कर सकती है।
हेमंत नरूला का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आमतौर पर जन्मदिन जैसे अवसर व्यक्तिगत खुशियों और समारोहों तक सीमित रहते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी खुशी का एक हिस्सा उन लोगों के नाम किया, जिन्हें आर्थिक परिस्थितियों के चलते मदद की जरूरत है। उनके इस सहयोग को ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने सेवा कार्य को मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण योगदान बताया।
हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब और बेसहारा लोगों तक जरूरत के समय सहायता पहुंचाना है। विशेष रूप से बीमारी, इलाज और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों की मदद को लेकर ट्रस्ट की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। शुभम अंडोला की इस पहल में अब जिस तरह समाज के लोग अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग देने के लिए आगे आ रहे हैं, उससे इस मुहिम के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है।
इस पहल की खास बात यह है कि अब लोगों के बीच यह सोच भी आकार लेने लगी है कि जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ या अन्य खुशी के अवसरों पर होने वाले अनावश्यक खर्च का कुछ हिस्सा जरूरतमंदों की सहायता के लिए समर्पित किया जा सकता है। हेमंत नरूला ने अपने जन्मदिन पर 11 हजार रुपये का सहयोग देकर इस सोच को सिर्फ शब्दों तक सीमित न रखते हुए उसे व्यवहार में उतारने का संदेश दिया है।
ट्रस्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी जरूरतमंद परिवार के लिए कठिन समय में मिला छोटा-सा सहयोग भी बड़ी उम्मीद बन सकता है। यदि समाज के सक्षम लोग अपनी खुशियों का थोड़ा-सा हिस्सा जरूरतमंदों के नाम कर दें तो सामूहिक प्रयास से कई परिवारों की मुश्किलें कम की जा सकती हैं।
हेमंत नरूला के इस कदम ने यह संदेश दिया है कि जन्मदिन की असली खुशी केवल अपने चेहरे पर मुस्कान लाने में नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाने में भी है। शुभम अंडोला की पहल और हीरा एंड टीआर चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना से शुरू हुई यह सेवा मुहिम जिस तरह लगातार जनसहयोग से जुड़ रही है, वह लालकुआं क्षेत्र में सामाजिक सरोकारों की एक सकारात्मक तस्वीर सामने ला रही है।
