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700 छात्रों की प्रतिभा से चमका ‘इनोविस्टा-2026’ 36 घंटे के हैकाथॉन में तकनीकी समाधान तलाशेंगे युवा!

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय टेक फेस्ट का आगाज, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा की कार्यशालाओं ने खींचा ध्यान; विज्ञान प्रदर्शनी और कोडिंग प्रतियोगिताओं में स्कूली छात्रों ने दिखाया दमखम!

हल्द्वानी। तकनीक की दुनिया में नए प्रयोग, नवाचार और हुनर का प्रदर्शन करने के लिए ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी परिसर में तीन दिवसीय वार्षिक टेक फेस्ट ‘इनोविस्टा-2026’ का शुक्रवार को शानदार आगाज हुआ। पहले ही दिन विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के 700 से अधिक छात्र-छात्राओं की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। कहीं रोबोटिक्स के गुर सीखते युवा नजर आए तो कहीं कोडिंग के जरिए तकनीकी चुनौतियों का समाधान तलाशते छात्र। इस टेक फेस्ट का सबसे बड़ा आकर्षण 36 घंटे का हैकाथॉन है, जिसमें 32 टीमें लगातार अपने तकनीकी कौशल और रचनात्मक सोच की परीक्षा देंगी।

विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटर एप्लीकेशंस ने ‘टेक गीक्स’ समूह के सहयोग से आयोजित इस फेस्ट का शुभारंभ विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. मनोज चंद्र लोहानी ने किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा जैसी तकनीकें भविष्य की दिशा तय कर रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रहने के बजाय व्यावहारिक कौशल विकसित करना होगा। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान में करने का आह्वान किया।

रोबोटिक्स से साइबर सुरक्षा तक, विशेषज्ञों ने दिए सफलता के गुर!

फेस्ट के पहले दिन आयोजित रोबोटिक्स कार्यशाला में इंडिया स्टेम फाउंडेशन, गुरुग्राम के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को तकनीक की बारीकियों से रूबरू कराया। वरिष्ठ रोबोटिक्स इंजीनियर गजराज सिंह, आदित्य प्रजापति और अलेश्वरम वंशी तेजा ने ऑटोमेशन एवं रोबोटिक्स की कार्यप्रणाली समझाई। विशेषज्ञों ने वर्ल्ड रोबोट ओलंपियाड में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के अनुभव भी साझा किए।

वहीं साइबर सुरक्षा पर आयोजित विशेष सत्र में भीमताल परिसर के कंप्यूटर साइंस विभाग के शिक्षक एवं साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ अंश ढींगरा ने इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल, व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीकों की जानकारी दी।

विज्ञान प्रदर्शनी में दीप्ति पब्लिक स्कूल की टीम अव्वल!

विज्ञान प्रदर्शनी में 16 टीमों ने अपने मॉडल और नवाचार प्रस्तुत किए। इसमें दीप्ति पब्लिक स्कूल की कक्षा नौ की टीम ने पहला स्थान हासिल कर तीन हजार रुपये का पुरस्कार जीता। टीम में गौरी जोशी, आदित्य शर्मा, ध्रुव सिंह और मान्या तंवर शामिल रहे। स्वस्त्यायन सीनियर सेकेंडरी स्कूल की कक्षा दस की टीम दूसरे स्थान पर रही, जिसे दो हजार रुपये मिले। सिटी कॉन्वेंट स्कूल की कक्षा नौ की टीम ने तीसरा स्थान हासिल कर एक हजार रुपये का पुरस्कार जीता। सिंथिया सेकेंडरी स्कूल को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

कोडिंग प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में दिल्ली पब्लिक स्कूल हल्द्वानी के विद्यार्थियों ने तीनों शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया। वहीं जूनियर वर्ग में बीएलएम अकादमी के विद्यार्थियों ने अपना दबदबा कायम किया। दोनों वर्गों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वालों को क्रमशः पांच हजार, तीन हजार और एक हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की गई।

36 घंटे तक चलेगा तकनीकी कौशल का इम्तिहान!

इनोविस्टा-2026 का मुख्य आकर्षण 36 घंटे का हैकाथॉन है, जिसमें 32 टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतिभागी लगातार 36 घंटे तक विभिन्न समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने में जुटे हैं। इस प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए कुल 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

तकनीकी गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों के व्यावहारिक और प्रबंधन कौशल को मंच देने के लिए परिसर में 30 फूड, गेमिंग और क्राफ्ट स्टॉल भी लगाए गए हैं। इसके अलावा ई-स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं, रील शूटिंग गतिविधियां और डेढ़ लाख रुपये का लकी ड्रॉ भी आयोजन का हिस्सा हैं।

कार्यक्रम संयोजिका नेहा शर्मा ने बताया कि इनोविस्टा का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी शिक्षा से आगे बढ़ाकर व्यावहारिक तकनीक, नवाचार और रचनात्मक सोच से जोड़ना है। उन्होंने आयोजन में सहयोग के लिए विभागाध्यक्ष डॉ. ईश्वरी सिंह राजपूत, कुलजिंदर सिंह बुमराह, कमलेश पडालिया, विश्वविद्यालय के शिक्षकों और आयोजन समिति का आभार जताया।

30 अक्टूबर से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय टेक फेस्ट एक नवंबर तक चलेगा। आयोजन के जरिए विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही तकनीक के क्षेत्र में नए प्रयोग करने का अवसर दिया है।

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