








जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के आकस्मिक निधन से पत्रकार जगत में शोक।
मिलनसार और सहज व्यक्तित्व की छोड़ी अमिट छाप, पत्रकारों के हितैषी अधिकारी के रूप में हमेशा किए जाएंगे याद।

रविवार सुबह 9 बजे शव यात्रा, चित्रशिला घाट पर होगा अंतिम संस्कार।
हल्द्वानी।
नैनीताल के जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के आकस्मिक निधन से पत्रकारिता जगत, सूचना विभाग, प्रशासनिक महकमे और उनके परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। उनके असमय चले जाने की खबर ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार शनिवार दोपहर करीब एक बजे जोशी किसी कार्य से घर से निकलने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उन्हें चक्कर आया और वह गिर पड़े। परिजन तत्काल उन्हें निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में पत्रकार, अधिकारी, कर्मचारी और शुभचिंतक उनके विठोरिया नंबर-1 स्थित वीके पुरम आवास पर पहुंचने लगे और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
गिरिजा शंकर जोशी अपने सरल, सहज, मिलनसार और जिंदादिल व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही पत्रकारों के साथ उनका व्यवहार बेहद आत्मीय और सहयोगात्मक रहा। पत्रकारों से जुड़े कार्यों में वह हमेशा सहजता से सहयोग करते थे। यही कारण है कि उनके आकस्मिक निधन से पत्रकारिता जगत ने महज एक अधिकारी नहीं, बल्कि अपना एक आत्मीय सहयोगी और हितैषी खो दिया है।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने हल्द्वानी में पत्रकारों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं और पहलों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई। नए मीडिया सेंटर की नींव और पत्रकारों के लिए प्रस्तावित गेस्ट हाउस जैसी महत्वपूर्ण पहल उनके कार्यकाल की उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल रही। पत्रकारों की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा।
उनके निधन की सूचना मिलते ही सांसद अजय भट्ट, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई, एसडीएम मोनिका आर्य,रिटायर्ड सहायक सूचना निदेशक योगेश मिश्रा,सूचनाधिकारी उधम सिंह नगर गोविंद सिंह बिष्ट,मीडिया सलाहकार ध्रुव रौतेला,वरिष्ठ पत्रकार संजय तलवार,दिलीप सिंह गड़िया,भगवान सिंह गंगोला,समेत पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और शहर भर के पत्रकार उनके आवास पर पहुंचे। सभी ने दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया।
जिला सूचना कार्यालय, लालकुआं,हल्द्वानी, हल्दूचौड़ प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकारों सहित विभिन्न पत्रकार संगठनों, अधिकारियों, कर्मचारियों और शुभचिंतकों ने गिरिजा शंकर जोशी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। सभी ने कहा कि उनका सहज व्यवहार, आत्मीय संवाद और पत्रकारों के प्रति सहयोग की भावना उन्हें लंबे समय तक स्मृतियों में जीवित रखेगी।
गिरिजा शंकर जोशी अपने पीछे पत्नी निशा जोशी, पुत्र ओंकार जोशी और एक पुत्री समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आवास पर पहुंचे लोगों ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए इस कठिन घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
दिवंगत जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी की अंतिम शव यात्रा रविवार सुबह 9 बजे उनके हल्द्वानी स्थित आवास से निकाली जाएगी। इसके बाद चित्रशिला घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम विदाई में पत्रकार जगत, सूचना विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में शुभचिंतकों के शामिल होने की संभावना है।
गिरिजा शंकर जोशी का यूं अचानक चले जाना हर उस व्यक्ति के लिए गहरा आघात है, जिसने उनके सहज और आत्मीय व्यवहार को करीब से महसूस किया। एक सहयोगी अधिकारी, एक संवेदनशील इंसान और पत्रकारों के हितैषी के रूप में उनकी स्मृतियां लंबे समय तक लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
पिथौरागढ़ से मां और बड़े भाई हल्द्वानी के लिए रवाना, दूसरे बड़े भाई का रो-रोकर बुरा हाल।
दिवंगत जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के आकस्मिक निधन से उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जोशी की माताजी और एक बड़े भाई-भाभी पिथौरागढ़ में रहते हैं, जबकि उनके एक बड़े भाई हल्द्वानी में ही रहते हैं। निधन की खबर सुनने के बाद से हल्द्वानी में रह रहे बड़े भाई का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार में अचानक हुए इस वज्रपात से हर आंख नम है। माताजी और पिथौरागढ़ में रहने वाले बड़े भाई-भाभी भी हल्द्वानी के लिए रवाना हो गए हैं। परिजनों का दुख देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो उठीं।
इधर, सांसद अजय भट्ट समेत जिले के उच्चाधिकारियों ने दिवंगत जोशी के बड़े भाई, पत्नी और पुत्र को ढाढ़स बंधाया तथा इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों और पत्रकारों ने परिजनों को सांत्वना देते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
