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जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल एक्शन मोड में!
राजस्व, कानून-व्यवस्था और वसूली पर चला ‘बिग रिव्यू ऑपरेशन’।
हल्द्वानी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कैंप कार्यालय में मासिक स्टाफ बैठक के दौरान राजस्व, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दृढ़ निर्देश जारी किए। बैठक में न्यायालयों में लंबित वादों, अभियोजन, भू-राजस्व वसूली, मुख्यमंत्री घोषणाओं, सामान्य देय, सीएम हेल्पलाइन और विभिन्न विभागों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि न्यायिक और राजस्व कार्य “सर्वोच्च प्राथमिकता”
पर हैं।
उनके द्वारा सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिया गया कि वे नियमित रूप से अदालतों में बैठें और पुराने वादों का निस्तारण अभियान के रूप में हर हाल में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि तहसील कार्यालयों में आने वाली जनता को अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने चाहिए और सभी भूमि संबंधित महत्वपूर्ण कार्य समय पर पूरे हों।
जिलाधिकारी रयाल ने राजस्व उपनिरीक्षक एवं संग्रह अमीनों की हर 15 दिन में समीक्षा बैठक करने का निर्देश देते हुए राजस्व वसूली को तेज़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो।
“सार्वजनिक स्थानों पर बकायेदारों के नामों के बोर्ड लगाए जाएं और वसूली के लिए डुगडुगी की पद्धति का भी सहारा लिया जाए।”
अवैध कब्जों और अवैध शराब के व्यवसाय पर भी डीएम दृढ़ता के साथ आगे दिखे। उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अवैध अतिक्रमण को तत्काल रोका जाए और नशामुक्ति अभियान के तहत अवैध शराब व नशीले पदार्थों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा मॉडल दुकानों, ढाबों और होटलों के आसपास अवैध शराब सेवन व बिक्री की संभावनाओं पर भी लगातार निगरानी रखने को कहा गया। दुकानों के बाहर पार्किंग और भीड़ से होने वाले जाम की समस्या के समाधान हेतु भी कड़े निर्देश जारी किए गए।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर विशेष बल देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारियों को प्रतिदिन सिस्टम चेक कर शिकायतों का समय पर निस्तारण करना होगा और शिकायतकर्ता से फोन पर संपर्क भी अनिवार्य है।
उन्होंने भू-अभिलेखों तथा शासकीय अभिलेखों के डिजिटाइजेशन को हर हालत में सुनिश्चित करने को कहा।
अभियोजन कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने समन तामीली और मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत करने में कठोरता बरतने को कहा। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी को “अक्षम्य लापरवाही” बताया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक राय, शैलेंद्र सिंह नेगी, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान सहित सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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