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नार्को टेस्ट की चुनौती लेकर डीजीपी से मिले विधायक पाण्डेय
कहा– ‘मैं सिफारिश नहीं, निष्पक्ष जांच चाहता हूं, सच सामने आए’!
प्रमोद बमेटा ब्यूरोचीफ उत्तराखंड दर्पण न्यूज 24/7
देहरादून।
जमीन कब्जाने के आरोपों और परिजनों पर दर्ज मुकदमों के बाद विवादों में घिरे भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अरविन्द पाण्डेय शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय देहरादून पहुंचे और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ से मुलाकात की। विधायक ने पूरे मामले को अपने खिलाफ रची गई सोची-समझी साजिश बताते हुए दोनों पक्षों का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की।
डीजीपी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अरविन्द पाण्डेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह किसी मुकदमे को खत्म कराने या सिफारिश करने नहीं आए हैं, बल्कि चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई जनता के सामने आए। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक वह कागजों में ‘भू-माफिया’ बने हुए हैं, जो उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली स्थिति है।
विधायक ने कहा कि यदि इस प्रकरण में उनके परिवार का कोई भी सदस्य दोषी पाया जाता है तो पुलिस उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, लेकिन यदि मामला साजिश है तो उसका पर्दाफाश होना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि सत्यता की जांच के लिए नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट अनिवार्य हैं।
गौरतलब है कि 20 जनवरी को बाजपुर पुलिस ने फर्जी तरीके से जमीन हड़पने के आरोप में गदरपुर विधायक के भाई देवानन्द पाण्डेय समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। गांव बहादुरगंज निवासी शिकायतकर्ता संजय बंसल ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मुंडिया पिस्तौर स्थित उनकी जमीन पर फर्जी किरायानामा बनाकर कब्जा करने की कोशिश की गई।
इसी प्रकरण में 21 अगस्त 2025 को जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण ने निर्माण को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मौके पर पहुंचने पर विधायक के भाई और उनके साथियों ने कागजात फेंककर जान से मारने की धमकी दी और दोबारा वहां न आने की चेतावनी दी।
अरविन्द पाण्डेय लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकार में शिक्षा, पंचायत और खेल मंत्री रह चुके पाण्डेय का धामी सरकार की दूसरी पारी में सफर तल्ख रहा है। उन्होंने उधमसिंहनगर के कई मामलों में शासन-प्रशासन के खिलाफ मुखर रुख अपनाया है।
राजनीतिक गलियारों में इस पूरे मामले को भाजपा के भीतर चल रही आंतरिक खींचतान से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सहित कई वरिष्ठ नेताओं का अरविन्द पाण्डेय के साथ मंच साझा करना भी इस ओर इशारा माना गया कि विवाद अब दिल्ली तक पहुंच चुका है।
विधायक पाण्डेय ने दो टूक कहा कि वह जांच से भागने वाले नहीं हैं और नार्को टेस्ट के जरिए सच्चाई सामने लाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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