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CM से मिलने से पहले नज़रबंद! गौवंश की लड़ाई लड़ रहे युवा जनप्रतिनिधि अर्जुन बिष्ट को पुलिस प्रशासन ने किया घर में कैद। 

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हल्द्वानी दौरे के मौके पर बेसहारा पशुओं को गौशाला भेजने और उनकी सुरक्षा–देखभाल जैसे गंभीर मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहे युवा समाजसेवी व जिला पंचायत सदस्य, आमखेड़ा चोरगलिया के अर्जुन बिष्ट को पुलिस–प्रशासन ने उनके ही घर पर नज़रबंद कर दिया।

अर्जुन बिष्ट ने बताया कि वे लंबे समय से देवभूमि में बदहाल हालत में सड़कों पर भटक रहे गौवंश की सुरक्षा और उचित प्रबंधन को लेकर संघर्षरत हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात कर वे इस संवेदनशील विषय पर ठोस कार्रवाई की मांग करने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही प्रशासन ने उन्हें बाहर निकलने नहीं दिया।

अर्जुन बिष्ट का कहना है कि शासन–प्रशासन की यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। इसके बावजूद उन्होंने साफ कहा कि—
“मेरी आवाज़ नहीं दबेगी। बेसहारा गौवंश की सुरक्षा, देखभाल और सम्मानजनक व्यवस्था के लिए मेरा संघर्ष जारी रहेगा।”

उन्होंने बताया कि देवभूमि उत्तराखंड में गौवंश की बदहाली किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को विचलित कर सकती है। सड़क पर घायल और भूखे घूम रहे पशुओं को सुरक्षित गौशाला भेजने के लिए वे लगातार आवाज उठा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बेसहारा पशुओं की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे सड़क हादसे बढ़ने का खतरा है। वहीं प्रशासन द्वारा अर्जुन बिष्ट को नज़रबंद किए जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चाओं को तेज कर दिया है।


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