घर के आंगन से गुलदार उठा ले गया 5 साल का मासूम, सिन्द्रवाणी गांव में दहशत।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद नहीं थम रही हैं मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो | प्रमोद बमेटा
रुद्रप्रयाग जनपद की न्याय पंचायत सारी के अंतर्गत सिन्द्रवाणी गांव में मंगलवार शाम दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घर के आंगन में मां के साथ खेल रहा पांच साल का मासूम गुलदार का शिकार बन गया। पलक झपकते ही घात लगाए बैठे गुलदार ने बच्चे को मां की पकड़ से छुड़ा लिया और जंगल की ओर ले गया।
घटना शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है। मासूम दक्ष, पुत्र हेमंत सिंह, अपनी मां के साथ घर के बाहर मौजूद था। तभी अचानक गुलदार ने झपट्टा मारा। मां कुछ समझ पाती, उससे पहले ही गुलदार बच्चे को मुंह में दबाकर जंगल की ओर ओझल हो गया। मां की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना के बाद पूरे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। महिलाएं और बच्चे सदमे में हैं। ग्रामीणों ने जंगल की ओर सर्च अभियान शुरू कर दिया है। सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासन को अवगत कराया गया। मौके पर पहुंची टीमों ने तलाश तेज कर दी है, साथ ही गांव में निगरानी बढ़ाई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार का आतंक बना हुआ है। कई बार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब हालात बेकाबू होते जा रहे हैं और लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में मानव और वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से गुलदार को जल्द पकड़ने, पिंजरे लगाने, गश्त बढ़ाने और गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
फिलहाल मासूम की तलाश जारी है। पूरा गांव दहशत और अनिश्चितता के साए में है। देवभूमि में लगातार बढ़ती मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं एक बार फिर सिस्टम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही हैं। ग्रामीण प्रशासन से त्वरित और ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
