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13वें आनन्द बल्लभ उप्रेती स्मृति समारोह की तैयारी जोरों पर
“हिमालय के लोक व्यवहार में कला और विज्ञान” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी 22 फरवरी को!
दर्पण न्यूज 24/7 नैनीताल।
हिमालय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से 13वें आनन्द बल्लभ उप्रेती स्मृति समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। हिमालय संगीत शोध समिति द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “हिमालय के लोक व्यवहार में कला और विज्ञान” के सफल आयोजन हेतु समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें 22 फरवरी 2026 को होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. दीवान सिंह रावत, कुलपति कुमाऊं विश्वविद्यालय, तथा पद्मश्री से सम्मानित डॉ. जीवन सिंह तितियाल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
विशिष्ट अतिथियों में करण सिंह नगन्याल (आईजी गढ़वाल), नवीन चंद्र वर्मा (राज्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार एवं केंद्रीय प्रमुख उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल) तथा अशोक सिंह गर्व्याल (सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त) शामिल रहेंगे।
आनन्दश्री सम्मान से होंगे विभूषित
इस अवसर पर समाज, संस्कृति, शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट जनों को “आनन्दश्री सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वाले महानुभावों में डॉ. गोविन्द सिंह तितियाल, करण सिंह नगन्याल, डॉ. महिमन सिंह दुग्ताल, घनश्याम ग्वाल, जीवन सिंह सीपाल, देव सिंह पंचपाल, इंजी. नरेंद्र सिंह पतियाल शामिल हैं।
सजग पत्रकारों में पंकज जोशी ‘विशेष’, ललित मोहन बेलवाल, हर्ष रावत, दीक्षा बिष्ट तथा पवन कुंवर को भी सम्मानित किया जाएगा।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि यह संगोष्ठी हिमालयी लोकजीवन में निहित कला, संस्कृति और वैज्ञानिक परंपराओं को समझने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी। कार्यक्रम में प्रदेशभर से शिक्षाविद, शोधार्थी, कलाकार एवं बुद्धिजीवी भाग लेंगे।
13वां आनन्द बल्लभ उप्रेती स्मृति समारोह न केवल सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक होगा, बल्कि हिमालय की ज्ञान परंपरा और लोकबुद्धि को राष्ट्रीय विमर्श में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
दर्पण न्यूज 24/7

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