








राजनाथ का पाकिस्तान को खुला संदेश: “फिर नजर उठाई तो इस बार इतिहास बदल जाएगा”
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर बोले— अब भारत घर में घुसकर देता है जवाब!
दर्पण न्यूज 24/7 |
जयपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान और आतंकवाद को लेकर बेहद आक्रामक तेवर दिखाते हुए साफ चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान ने दोबारा भारत की ओर आंख उठाने का दुस्साहस किया, तो “जो अब तक नहीं हुआ, वह होकर रहेगा।”
राजस्थान के नागौर जिले के मेड़ता में राजपूत शासक राव दूदा की प्रतिमा के अनावरण समारोह के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब पुराना भारत नहीं रहा। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत किसी को छेड़ता नहीं, लेकिन अगर कोई देश या आतंकी संगठन भारत को छेड़ने की कोशिश करता है, तो उसे छोड़ा भी नहीं जाता।
रक्षा मंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने लोगों का धर्म पूछकर गोलियां चलाईं, जो भारतीय संस्कृति और इंसानियत दोनों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा,
“हम इंसाफ और इंसानियत में विश्वास रखते हैं, लेकिन पाकिस्तान से आए आतंकवादी धर्म पूछकर निर्दोष लोगों की हत्या कर रहे थे। पूरे देश में गुस्सा था और हमने ऐसा जवाब दिया कि दुश्मन के होश उड़ गए।”
राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना के “ऑपरेशन सिंदूर” का उल्लेख करते हुए कहा कि सेना ने नया इतिहास रचा है और दुनिया को संदेश दे दिया है कि भारत अब हमलों को चुपचाप सहने वाला देश नहीं है।
उन्होंने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा,
“संभव है कि पाकिस्तान अब जल्दी भारत की तरफ देखने की हिम्मत न करे, लेकिन अगर उसने फिर दुस्साहस किया तो इस बार ऐसा जवाब मिलेगा, जो पहले कभी नहीं हुआ।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में भारत की सुरक्षा नीति में ऐतिहासिक बदलाव आया है और दुनिया को साफ संदेश दिया गया है कि आतंकवाद किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने भाजपा सरकार की राजनीति को “राज और नीति” का संतुलन बताते हुए कहा कि असली राजनीति वही है, जो समाज को सही दिशा दे। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर चल रही है।
महिला सम्मान पर बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि महिलाओं का सम्मान भारतीय सभ्यता की आत्मा है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में महिलाओं का सम्मान नहीं होता, वह कभी आगे नहीं बढ़ सकता। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से लेकर महिला सुरक्षा कानूनों तक केंद्र सरकार लगातार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है।
