🚠 उत्तराखंड में रोपवे क्रांति: 50 प्रोजेक्ट मंजूर, काठगोदाम–हनुमानगढ़ी रोपवे में जुड़ा कैंची धाम।
- केदारनाथ-हेमकुंड समेत 6 रोपवे पर फोकस, मुख्य सचिव ने दिए 5–10 साल का रोडमैप बनाने के निर्देश
देहरादून। दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो।
उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थ यात्रा को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 50 रोपवे प्रोजेक्ट प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें से 6 रोपवे को प्राथमिकता के आधार पर चुना गया है। इनमें सोनप्रयाग–केदारनाथ और गोविंद घाट–हेमकुंड साहिब रोपवे का कार्य आवंटन पहले ही किया जा चुका है।
मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में हुई रोपवे विकास समिति की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में काठगोदाम से हनुमानगढ़ी मंदिर रोपवे प्रोजेक्ट में कैंची धाम को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां रोपवे की संभावनाएं गंभीरता से तलाशी जाएं।
🚠 हर रोपवे को समिति की मंजूरी अनिवार्य।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में बनने वाले सभी रोपवे प्रोजेक्ट्स को समिति से स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा, ताकि अलग-अलग एजेंसियों के बीच डुप्लीकेसी से बचा जा सके।
🗺️ 5 से 10 साल का टूरिज्म रोडमैप बनेगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि रोपवे परियोजनाओं के साथ-साथ आने वाले 5 से 10 वर्षों में विकसित होने वाले नए पर्यटन स्थलों, मार्गों के विस्तार और आधारभूत ढांचे को लेकर अभी से रोडमैप तैयार किया जाए।
🏗️ इन रोपवे पर भी काम तेज।
कनकचौरी–कार्तिक स्वामी रोपवे की डीपीआर तैयार की जा रही है
रैथल-बरसू से बरनाला (उत्तरकाशी) रोपवे
जोशीमठ–औली–गौरसों रोपवे के लिए निविदा प्रक्रिया जारी
⏱️ टाइमलाइन और स्वीकृतियों में तेजी के निर्देश।
मुख्य सचिव ने सोनप्रयाग–केदारनाथ और गोविंद घाट–हेमकुंड साहिब रोपवे की हर स्टेज की स्पष्ट टाइमलाइन तय करने के निर्देश दिए। साथ ही वन और वन्यजीव स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया।
🛣️ सड़क और पुल भी होंगे मजबूत।
रोपवे निर्माण के लिए हेवी मशीनरी को साइट तक पहुंचाने हेतु सड़कों का टर्निंग रेडियस बढ़ाने और पुलों के मजबूतीकरण के भी निर्देश दिए गए हैं।
👉 सरकार का दावा है कि इन रोपवे परियोजनाओं से न सिर्फ तीर्थ यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार और पर्यटन को भी नई ऊंचाई मिलेगी।
