आईएमए से निकले 491 शूरवीर, 14 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी बने अफसर
थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने ड्रिल स्क्वायर पर भव्य परेड का किया निरीक्षण
देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर में शनिवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ भारतीय सेना को 491 जांबाज युवा अधिकारी मिल गए। इसके साथ ही 14 मित्र राष्ट्रों के 34 विदेशी कैडेट भी प्रशिक्षण पूर्ण कर अपने-अपने देशों की सेनाओं में कमीशन प्राप्त करने के लिए रवाना हुए।
परेड की समीक्षा थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने की और नवनियुक्त अधिकारियों की शानदार टुकड़ियों को सलामी दी। गौरव, परंपरा और सैन्य अनुशासन से ओत-प्रोत इस समारोह में ‘वीरता और विवेक’ के आदर्श वाक्य को आत्मसात किए जेंटलमैन कैडेट्स ने कठोर प्रशिक्षण, अनुशासन और अदम्य साहस का जीवंत प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया गया। स्वॉर्ड ऑफ ऑनर जनरल उपेन्द्र द्विवेदी द्वारा प्रदान किया गया, जबकि यादव को रजत और कमलजीत को कांस्य पदक से नवाजा गया।
अपने संबोधन में थल सेना प्रमुख ने युवा अधिकारियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई देते हुए कहा कि सेना में कमीशन मिलना केवल प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति आजीवन कर्तव्य और निस्वार्थ सेवा की शुरुआत है। उन्होंने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सहनशक्ति की सराहना करते हुए अधिकारियों से भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं का निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।
आईएमए की यह पासिंग आउट परेड न केवल भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक बनी, बल्कि मित्र देशों के साथ सैन्य सहयोग और भाईचारे का भी सशक्त संदेश देकर समाप्त हुई।
