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नवरात्रि में भक्तिमय होगा सिद्धपीठ कालीचौड़ धाम, इक्कीसवें पाटोत्सव व शतचंडी पाठ में गूंजेगा मां काली का जयघोष!
ग्रेटर हल्द्वानी/गौलापार। देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर स्थित सिद्धपीठ मां काली का पवित्र धाम कालीचौड़ मंदिर आगामी नवरात्रि में भक्ति और आस्था के रंग में रंगने जा रहा है। मां काली की विशेष कृपा से यहां इक्कीसवां विशेष पाटोत्सव एवं हवनात्मक शतचंडी पाठ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन कालीचौड़ मंदिर प्रबंधन समिति, गौलापार द्वारा श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया जाएगा।
नवरात्रि के इस पावन पर्व पर 19 मार्च 2026 से 28 मार्च 2026 तक चलने वाले इस आध्यात्मिक आयोजन में मां काली की महिमा का गुणगान, वैदिक मंत्रों की गूंज और भक्तों की श्रद्धा से पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। मंदिर समिति ने सभी माता भक्तों से सपरिवार धाम पहुंचकर मां के दर्शन कर आशीर्वाद एवं पुण्य लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया है।
नवरात्रि के प्रथम दिवस 19 मार्च को प्रातः 8:30 बजे कलश यात्रा के साथ आयोजन का शुभारंभ होगा। इसके पश्चात प्रतिदिन प्रातः 9 बजे माता का अभिषेक, दोपहर 1 बजे पंचांग पूजन, दोपहर 3 बजे माता का पूजन एवं श्रृंगार, तथा सायं 4 बजे से चंडी पाठ एवं हवन का आयोजन किया जाएगा। शाम 7 बजे से आरती और भजन-कीर्तन के माध्यम से मां भगवती की महिमा का गुणगान किया जाएगा, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में डूबा रहेगा।
25 मार्च को महाअष्टमी के अवसर पर विशेष अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। इस दिन शाम 6 बजे से महाअष्टमी सहस्त्रार्चन पूजन होगा, जिसके बाद रात 9 बजे से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण एवं भव्य भंडारा आयोजित किया जाएगा।
वहीं नवरात्रि महोत्सव का समापन 28 मार्च 2026 को होगा। इस दिन प्रातः 9 बजे पूर्णाहुति, 11 बजे नवकन्या पूजन और दोपहर 12 बजे से भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। नवरात्रि के पूरे आयोजन के दौरान प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक भक्तों के लिए नित्य भंडारा भी चलता रहेगा।
मंदिर समिति का कहना है कि मां काली का यह सिद्धपीठ वर्षों से भक्तों की आस्था का केंद्र रहा है, जहां सच्चे मन से मां को याद करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर यहां होने वाले धार्मिक अनुष्ठान और चंडी पाठ का विशेष महत्व माना जाता है।
दर्पण न्यूज 24/7
धर्मेंद्र शर्मा

उत्तराखंड