दर्पण न्यूज 24*7
हल्द्वानी।
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में इस बार किसानों की समस्या सबसे बड़े मुद्दे के रूप में सामने आई। बैठक की शुरुआत होते ही दिशा के निदेशक नंदन गोस्वामी ने ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली हाथियों और लैपर्ड की बढ़ती आवाजाही का गंभीर मामला उठाया और बताया कि इससे किसानों को लगातार भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वन निगम के ठेकेदारों की लापरवाही के कारण लकड़ी ढुलाई के दौरान कई स्थानों पर लगी सोलर फेंसिंग क्षतिग्रस्त कर दी गई, जिसे महीनों बीतने के बावजूद अब तक ठीक नहीं किया गया। इसी वजह से हल्दूचौड़ सहित हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों का शाम होते ही बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है और माहौल दहशतपूर्ण बना रहता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभागीय वनाधिकारी ने स्वीकार किया कि कई स्थानों पर फेंसिंग क्षतिग्रस्त है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित स्थानों पर मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कराया जाएगा, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद अजय भट्ट ने भी इस मुद्दे को अत्यधिक संवेदनशील बताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
सर्किट हाउस काठगोदाम में आयोजित इस बैठक में सांसद भट्ट ने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की और कहा कि दिशा बैठकों की मॉनिटरिंग स्वयं केंद्र सरकार करती है, इसलिए अधिकारी योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। उन्होंने पीएमजीएसवाई, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, स्वच्छ भारत मिशन, मातृ वंदना, कृषि सिंचाई, समग्र शिक्षा, पीएम मत्स्य एवं पीएम सूर्य घर जैसी योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की।
जलजीवन मिशन की समीक्षा के दौरान सांसद ने गहरी नाराज़गी व्यक्त की। भीमताल ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि कई गांवों में पाइपलाइन और नल तो लगा दिए गए हैं, परंतु पानी नहीं आता। कुछ स्थानों पर बिना जलस्रोत वाले क्षेत्रों में भी कनेक्शन दे दिए गए। इस पर सांसद ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विशेष बैठक बुलाने और पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। हल्द्वानी ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़ ने शहर में जेजेएम के चलते खुदी सड़कों और बाधित आवागमन का मुद्दा उठाया, जिस पर विभाग ने बताया कि धनराशि जारी कर दी गई है तथा टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही मरम्मत शुरू हो जाएगी।
पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी पर भी सांसद भट्ट ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों और तकनीकी स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए विभाग तुरंत नए प्रस्ताव भेजे और विशेषज्ञ चिकित्सकों को सप्ताह में एक दिन रोटेशन के आधार पर दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा जाए। जिला विकास प्राधिकरण की समीक्षा में सांसद ने भवन मानचित्र स्वीकृति में तेजी लाने के लिए नियमित कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए।
भीमताल ब्लॉक भवन में वर्षाकाल के दौरान रिसाव की शिकायत पर हुई मरम्मत का सत्यापन न होने पर सांसद ने असंतोष जताया और तत्काल जांच के आदेश दिए। इसी प्रकार बीएसएनएल विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने ओखलकांडा क्षेत्र में लगातार बनी नेटवर्क समस्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को मौके पर जाकर शिकायत का समाधान करने को कहा।
शिक्षा विभाग के मामलों की समीक्षा में भी लापरवाही सामने आई। डॉनपरेबा में एक वर्ष पूर्व ध्वस्त किए गए विद्यालय भवन पर अभी तक कोई कार्यवाही न होने पर सांसद ने खंड शिक्षा अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
सिंचाई विभाग ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण कार्य 32 करोड़ की लागत से चल रहा है, जिसमें लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। बैठक के अंत में हल्दूचौड़ सहित हाथी प्रभावित क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सोलर फेंसिंग पर चर्चा हुई, जिसमें सांसद अजय भट्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फेंसिंग की मरम्मत तुरंत कराई जाए।
