दुम्काबंगर गन्ना सेंटर में हड़कंप! लेबर गायब, कांटे में छेड़छाड़ के मामले पर मिल प्रबंधन ने तोल क्लर्क और ठेकेदार दोनों को हटाया—नई कंपनी को गन्ना उठान की दी जिम्मेदारी।
समाजसेवी प्रधान प्रतिनिधि कार्तिक बमेटा और कपिल राणा के संघर्ष के चलते हुई कार्यवाही पर काश्तकारों ने जताया आभार।
लालकुआँ/किच्छा। दुम्काबंगर गन्ना क्रय केन्द्र पर लगातार बढ़ रही अव्यवस्थाओं ने आखिरकार मिल प्रबंधन को कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। लेबर न मिलने के कारण पिछले दो दिनों से गन्ना तौल कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है। किसानों की गन्ने से भरी ट्रॉलियां क्रय केंद्र पर कतारों में लगी रहीं, जिससे गन्ना सूखने लगा और किसानों में भारी रोष व्याप्त हो गया।
मिल के गन्ना निरीक्षक ने बताया कि 05 दिसंबर से लेबर पूरी तरह गायब थी और कई बार निर्देश देने के बावजूद जिम्मेदारी नहीं निभाई गई।
कांटे में छेड़छाड़ और लापरवाही—तोल क्लर्क तुरंत हटाया
क्रय केंद्र पर तैनात तोल क्लर्क महानंद पटेल के खिलाफ लापरवाही और कांटे में छेड़छाड़ जैसी गंभीर शिकायतें सामने आईं। मामले की पुष्टि होते ही मिल प्रबंधन ने उसे तत्काल प्रभाव से हटा दिया और उसकी जगह कुशाल टाकुली को नियुक्त कर दिया है।
ठेकेदार भी बदला—नई कंपनी को मिली जिम्मेदारी
गन्ना उठान कार्य में भारी अव्यवस्था और लेबर न उपलब्ध कराने की वजह से मिल प्रबंधन ने बड़ा फैसला लेते हुए
मै. डायमण्ड ट्रांसपोर्टेशन (रईस अहमद खा) को कार्य से हटा दिया।
गन्ना उठान कार्य अब एहसान कंपनी ट्रांसपोर्ट को सौंप दिया गया है।
मिल प्रबंधन का कहना है कि किसानों को नुकसान पहुंचाने और लगातार लापरवाही बरतने पर यह कार्रवाई आवश्यक थी।
किसानों की समस्याओं को गंभीरता से देखते हुए ग्राम पंचायत बमेटा बंगर की प्रधान जीवंती बमेटा के प्रतिनिधि कार्तिक बमेटा और समाजसेवी कपिल राणा ने मिल प्रबंधन से तत्काल वार्ता कर समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
किसानों ने दोनों का आभार व्यक्त किया और कहा कि समय रहते हस्तक्षेप न किया जाता तो स्थिति और बदतर हो सकती थी।
किसानों को राहत की उम्मीद
तोल क्लर्क और ठेकेदार बदले जाने के बाद उम्मीद है कि गन्ना तौल और उठान कार्य अब तेजी से होगा। किसानों का कहना है कि वे केवल ईमानदारी से और असमय तौल हो ताकि उनकी मेहनत व्यर्थ न जाए।
