सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूर्ण पालन करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री धामी
हल्द्वानी में पूर्व अर्धसैनिक सम्मेलन में बोले— उत्तराखंड की डेमोग्राफी नहीं बदलने देंगे, अवैध अतिक्रमण पर होगी सख्त कार्रवाई।
हल्द्वानी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अक्षरशः पालन करेगी और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही आगे के कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी किसी भी कीमत पर नहीं बदलने दी जाएगी। प्रदेशवासियों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
सीएम धामी गौलापार स्थित सीआरपीएफ कैंप में आयोजित पूर्व अर्धसैनिक सैनिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के पूर्व एवं वर्तमान जवानों के साथ बड़ी संख्या में वीरांगनाएं और उनके परिजन मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और वीरांगनाओं को सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती ने देश को अनगिनत वीर योद्धा दिए हैं, जो पूरे राष्ट्र का गौरव हैं। सम्मेलन में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले पर सरकार सतर्क
हल्द्वानी के चर्चित बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण की सुनवाई 10 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में निर्धारित है। इस पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और निर्णय आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
उन्होंने दो टूक कहा कि प्रदेश की जनसांख्यिकीय संरचना से खिलवाड़ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। डेमोग्राफी बिगाड़ने के हर प्रयास पर सरकार कठोरता से कदम उठाएगी।
फर्जी प्रमाण पत्र और अवैध घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में अवैध अतिक्रमण, फर्जी प्रमाण पत्र और गलत पहचान पत्र बनवाने जैसी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। इन पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। कई जिलों में बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्र निरस्त किए गए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य के बच्चों और युवाओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए अवैध घुसपैठियों तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बसने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। सुरक्षा और सामाजिक संतुलन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पूर्व अर्धसैनिकों ने रखीं समस्याएं
सम्मेलन के दौरान पूर्व अर्धसैनिकों ने अपनी समस्याएं और सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे, जिन पर धामी ने सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया।
