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सुबह 9 बजे से चुनाव प्रक्रिया तय, नौ बजकर 40 मिनट  तक नहीं पहुंचे निर्वाचन अधिकारी!

सांप कठानी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर अव्यवस्था, जीएम बोले—जानकारी नहीं, एडिशनल डायरेक्टर कह रहे है, पहुंचने वाले होंगे !

हल्दूचौड़। सांप कठानी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति में शुक्रवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही सहकारी निर्वाचन व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन समेत पूरी प्रक्रिया सुबह नौ बजे से शुरू होनी थी, लेकिन 9बजकर 40 मिनट तक निर्वाचन अधिकारी के समिति मुख्यालय नहीं पहुंचने की बात सामने आई।

निर्वाचन अधिकारी के इंतजार में समिति परिसर में चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। इससे समिति के सदस्यों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों में असमंजस की स्थिति बनी रही। खास बात यह है कि सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण की ओर से जारी कार्यक्रम में 11 सितंबर को सभापति एवं उपसभापति के निर्वाचन की पूरी समय-सारणी निर्धारित की गई है।

मामले की जानकारी लेने के लिए जब दुग्ध संघ के महाप्रबंधक से संपर्क किया गया तो उन्होंने निर्वाचन अधिकारी के नहीं पहुंचने के संबंध में अनभिज्ञता जताते हुए एडिशनल डायरेक्टर से बात करने को कहा। इसके बाद एडिशनल डायरेक्टर से संपर्क किया गया तो उन्होंने भी स्पष्ट स्थिति बताने के बजाय निर्वाचन अधिकारी के पहुंचने की बात कही।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब निर्वाचन कार्यक्रम पहले से घोषित था और निर्वाचन प्रक्रिया के लिए समय निर्धारित किया गया था, तो संबंधित अधिकारी की समय पर मौजूदगी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी। चुनाव जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में निर्धारित समय पर अधिकारी की अनुपस्थिति से व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

निर्वाचन कार्यक्रम के मुताबिक अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री और दाखिल करने का समय सुबह 9 से 11 बजे तक निर्धारित है। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच, आपत्तियां, नामांकन वापसी, वैध नामांकन की सूची और चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया होनी है। आवश्यकता पड़ने पर शाम चार से पांच बजे तक मतदान तथा मतदान समाप्त होने के तत्काल बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा का कार्यक्रम निर्धारित है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि निर्वाचन अधिकारी के निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने से चुनाव कार्यक्रम पर कोई असर पड़ता है या पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुरूप आगे बढ़ाई जाती है। फिलहाल सुबह से ही समिति में निर्वाचन अधिकारी के इंतजार ने सहकारी चुनाव व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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