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पहाड़ में बढ़ रहा गुलदार–भालू का आतंक: गजल्ट में मौत के बाद संसद तक गूंजा मुद्दा, सांसद बलूनी ने मांगी त्वरित कार्रवाई।

दर्पण न्यूज 24*7


 


देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों—खासतौर पर पौड़ी, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी—में इन दिनों गुलदार और भालू का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि आम जनजीवन दहशत में है। ग्रामीण क्षेत्रों में घर से बाहर निकलना, महिलाओं का जंगल जाना और बच्चों का स्कूल जाना तक जोखिमभरा हो गया है।

गुरुवार को पौड़ी जनपद के गजल्ट गांव में गुलदार ने 42 वर्षीय व्यक्ति को निशाना बनाकर मौत के घाट उतार दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है और वन विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ी है।

इसी गंभीर स्थिति को लेकर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने आज संसद में जोरदार तरीके से मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में जंगली जानवरों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और कई लोग घायल हो रहे हैं। सांसद ने बताया कि भालू का आतंक भी इस सीजन में असामान्य रूप से ज्यादा देखने को मिल रहा है।

सांसद बलूनी ने कहा कि “ग्रामीणों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। महिलाओं के लिए जंगल जाना खतरे से खाली नहीं है। ऐसे हालात में तुरंत और कारगर रणनीति की आवश्यकता है।”

उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने यह मुद्दा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के समक्ष भी उठाया था, ताकि बढ़ते वन्यजीव हमलों पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

सांसद बलूनी ने उत्तराखंड वन विभाग के पीसीसीएफ से भी आग्रह किया है कि वन्यजीव हमलों की स्थिति की नियमित समीक्षा कर प्रतिदिन की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोपरि है और इस दिशा में ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं।

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