आगरा किले में गूंजेगा स्वराज का जयघोष!
शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती पर चौथी बार भव्य राष्ट्रीय आयोजन, लेजर शो से सजीव होगा इतिहास!
दर्पण न्यूज 24/7,आगरा, 19 फरवरी। मराठा स्वराज के प्रणेता छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर ताजनगरी एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। आगरा किला में लगातार चौथे वर्ष ‘शिवाजी जयंती उत्सव’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह वही ऐतिहासिक स्थल है, जहां 1666 में शिवाजी महाराज ने मुगल दरबार की नजरबंदी को धता बताते हुए साहस और रणनीति का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया था।
आयोजन के तहत शाम छह बजे से किले परिसर में भव्य लेजर शो का आयोजन होगा, जिसमें शिवाजी महाराज के जीवन की प्रमुख घटनाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही नाट्य मंचन और देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। आयोजकों के अनुसार किला परिसर को विशेष प्रकाश सज्जा से अलंकृत किया गया है, जिससे ऐतिहासिक वातावरण और अधिक प्रभावशाली दिखाई देगा।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल तथा महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति प्रस्तावित है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रनायकों की विरासत को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ताजमहल के पूर्वी गेट के निकट निर्माणाधीन संग्रहालय का नाम परिवर्तित कर छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम कर दिया है। लगभग छह एकड़ क्षेत्र में 141 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह आधुनिक संग्रहालय दिसंबर 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है। इसमें इंटरैक्टिव गैलरियों और अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से शिवाजी महाराज की वीरता तथा आगरा किले से उनके साहसिक प्रस्थान की ऐतिहासिक घटना को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही ‘कोठी मीना बाजार’ क्षेत्र को भी स्मारक के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य जारी है।
आयोजकों का कहना है कि यह उत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रगौरव और स्वाभिमान की भावना को सुदृढ़ करने का अवसर है। पिछले तीन वर्षों से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकारों के सहयोग से यह आयोजन निरंतर आयोजित किया जा रहा है और हर वर्ष इसका स्वरूप और व्यापक होता जा रहा है।
आगरा किले की ऐतिहासिक प्राचीरों के बीच जब शिवाजी महाराज की शौर्य गाथा लेजर रोशनी में साकार होगी, तब इतिहास और वर्तमान का अद्वितीय संगम देशवासियों को स्वराज, साहस और आत्मसम्मान का संदेश देगा।