अर्धसैनिकों के सम्मान में बड़ा संदेश: हल्द्वानी में बोले CM धामी—“सैनिक भूतपूर्व नहीं, जीवनपर्यंत अभूतपूर्व”
हल्द्वानी, 03 दिसंबर 2025, दर्पण न्यूज 24*7
केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल कैंप मुख्यालय हल्द्वानी में आयोजित पूर्व अर्धसैनिक बल सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीरता, समर्पण और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत संबोधन दिया। कार्यक्रम में पहुंचकर उन्होंने पूर्व अर्द्धसैनिकों, वीर नारियों और उनके परिजनों का मनोबल बढ़ाया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अर्धसैनिक बलों के जवान कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से अरुणाचल तक हर सीमा पर अदम्य साहस और शौर्य के साथ देश की रक्षा करते हैं। “सैनिक कभी भूतपूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक ही रहता है… आप सभी भूतपूर्व नहीं, बल्कि अभूतपूर्व हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि वे स्वयं सैनिक परिवार से आते हैं, इसलिए सैनिकों और उनके परिवारों की चुनौतियों को निकट से समझते हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों की शहादत अमूल्य है और सरकार का दायित्व है कि उनके परिवारों को किसी प्रकार की कठिनाई न आने पाए।
शहीदों और अर्द्धसैनिकों के लिए बड़े निर्णय
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएँ कीं—
- अर्द्धसैनिक बलों एवं शहीदों के परिजनों की अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है।
- अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित वीरों की पुरस्कार राशि एवं वार्षिक अनुदान में बढ़ोतरी।
- इस वर्ष 10 नए शहीद स्मारकों की स्वीकृति।
- शहीदों के परिजनों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजन की व्यवस्था।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने स्वदेशी हथियारों की क्षमता को विश्व पटल पर स्थापित किया है।
सुरक्षा और सामाजिक मामलों पर कड़ा रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध बसावट, लैंड जिहाद जैसी गतिविधियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।
- 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराई गई।
- 550 से अधिक अवैध संरचनाएँ ध्वस्त की गईं।
- समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा-रोधी कानून और भू-कानून लागू कर सामाजिक समरसता एवं सुरक्षा को मजबूत किया गया है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वीरों की भूमि है और इसकी संस्कृति एवं परंपरा की रक्षा सबकी जिम्मेदारी है।
अर्द्धसैनिकों के लिए विशेष घोषणाएँ
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अतिरिक्त सुविधाओं की घोषणा की—
- प्रेजिडेंट पुलिस मेडल–गैलेंट्री से सम्मानित अर्द्धसैनिकों को 5 लाख रुपये की अनुदान राशि।
- जिन पूर्व अर्द्धसैनिकों/वीर नारियों के पास स्वयं की संपत्ति नहीं, उन्हें एक बार संपत्ति क्रय पर 25% स्टाम्प शुल्क छूट।
- “उत्तराखण्ड राज्य अर्द्धसैनिक बल कल्याण परिषद” को किया जाएगा क्रियाशील; पुलिस मुख्यालय में कार्यालय कक्ष आवंटित।
- सैनिक कल्याण निदेशालय में उपनिदेशक (अर्द्धसैनिक) और बड़े जिलों में सहायक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (अर्द्धसैनिक) के पद स्वीकृत—इन पदों पर पूर्व अर्द्धसैनिकों को संविदा में नियुक्त किया जाएगा।
- अर्द्धसैनिक बलों के बच्चों को विवाह अनुदान सैनिकों के समान प्रदान किया जाएगा।
- सीजीएचएस भवन निर्माण हेतु भूमि चयन के निर्देश जिलाधिकारी को दिए गए।
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर मेयर गजराज सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक राम सिंह कैड़ा, दायित्वधारी डॉ. अनिल डब्बू, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, डीएम ललित मोहन रयाल, सीआरपीएफ डीआईजी शंकर दत्त पांडे, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित बड़ी संख्या में पूर्व अर्द्धसैनिक और गणमान्य मौजूद रहे।
