








रुक्मिणी-कृष्ण विवाह प्रसंग से झूम उठा कथा पंडाल !
भाव-विभोर श्रद्धालु हुए भक्ति में सराबोर, झूमने पर हुए मजबूर!
दर्पण न्यूज 24/7 हल्दूचौड़/लालकुआं। हरिपुर भानदेव स्थित कालिका मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन भक्ति का ऐसा समां बंधा कि श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने पर मजबूर हो गए। व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए नमन कृष्ण महाराज ने अपने मुखारविंद से निकले अमृतमयी वचनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
सातवें दिन की कथा में उन्होंने रुक्मिणी-भगवान श्रीकृष्ण विवाह प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। जैसे ही उन्होंने रुक्मिणी जी के अटूट प्रेम, उनके विरह और श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण का भावपूर्ण चित्रण किया, कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो उठीं।
उन्होंने बताया कि जब रुक्मिणी जी ने अपने प्रेम और विश्वास से भगवान को पुकारा, तो भगवान श्रीकृष्ण स्वयं उन्हें अपने साथ ले जाने के लिए पहुंचे। यह प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए और “राधे-राधे” व “हरे कृष्ण” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। महिलाएं, पुरुष और युवा सभी भक्ति के रंग में रंगकर नृत्य करने लगे, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
अंत में नमन कृष्ण महाराज ने संदेश दिया कि सच्चा प्रेम और निष्काम भक्ति ही भगवान को प्राप्त करने का सबसे सरल मार्ग है। कथा का अमृतमय रसपान कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और झूमते हुए भक्ति में लीन नजर आए।

