देवभूमि का वैश्विक संदेश: देहरादून एयरपोर्ट पर सत्या नडेला को मिला ‘वेद विश्व शांति सम्मेलन’ का विशेष आमंत्रण!
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और साहित्यिक पहचान को वैश्विक मंच पर पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत के पहले लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक उनियाल ने माइक्रोसाफ्ट के सीईओ सत्या नडेला को आगामी वेद विश्व शांति सम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक न्योता दिया।
यह मुलाकात देहरादून एयरपोर्ट पर उस समय हुई, जब सत्या नडेला मसूरी भ्रमण के बाद दिल्ली लौट रहे थे। दोनों के बीच साहित्य, संस्कृति और वैश्विक वैचारिक संवाद को लेकर सार्थक और विस्तृत चर्चा हुई, जिसने इस मुलाकात को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
विदुषी निशंक ने नडेला को लेखक गांव में दो वर्षों से चल रही साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लेखक गांव किस प्रकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने अपने पिता, पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि 120 से अधिक पुस्तकों के रचनाकार डॉ. निशंक के साहित्य पर देश–विदेश में शोध और पीएचडी हो रही हैं, और लेखक गांव की परिकल्पना भी उनकी ही दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
विदुषी ने कहा कि वेद विश्व शांति सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक संस्कृति और विश्व शांति के संदेश को वैश्विक समुदाय तक पहुंचाने का एक ऐतिहासिक मंच बनेगा। यह आयोजन भारतीय साहित्य और विश्व के बौद्धिक नेताओं के बीच सशक्त संवाद की नींव रखेगा।
भाजपा उत्तराखंड विधि प्रकोष्ठ के संयोजक एडवोकेट आर्यन देव उनियाल ने इस मुलाकात को देवभूमि के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लेखक गांव सिर्फ साहित्य का केंद्र नहीं, बल्कि भारत के आध्यात्मिक नेतृत्व का वैश्विक प्रतीक बनते हुए दुनिया में नई पहचान स्थापित कर रहा है।
