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“धाखड़ धामी के जिले में माफिया का तांडव: वर्दी पर वार, ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश!”
दर्पण न्यूज 24/7 | विशेष रिपोर्ट
उधम सिंह नगर/सितारगंज।
“न भय, न भ्रष्टाचार” का नारा गूंजता है, पर ज़मीन पर सवाल खड़े हैं। सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी के गृह जिले में ही अवैध खनन माफिया का दुस्साहस इस कदर सामने आया कि वर्दी की गरिमा को रौंदने की कोशिश की गई।
सितारगंज क्षेत्र की रनसाली वन रेंज में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया गया। गश्त के दौरान आरक्षित वन क्षेत्र में खनन गतिविधियां पकड़े जाने पर जब टीम ने ट्रैक्टर-ट्रालियों को रोकना चाहा, तो हालात अचानक बेकाबू हो गए।
ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश का आरोप
वन विभाग के मुताबिक, साधुनगर निवासी राजकुमार समेत अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर अभद्रता और हाथापाई शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान वन दारोगा को ट्रैक्टर से टक्कर मारने और कुचलने की कोशिश भी की गई। मौके पर मौजूद वन कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, जिसका वीडियो भी रिकॉर्ड हुआ और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
वन दारोगा की तहरीर के आधार पर सितारगंज पुलिस ने राजकुमार सहित तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि घटना कैलाश नदी क्षेत्र से जुड़ी है, जहां लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं।
सवालों के घेरे में ‘न भय, न भ्रष्टाचार’
जब वन विभाग की टीम ही सुरक्षित नहीं, तो फिर कानून का खौफ किसे?
जब वर्दी पर ट्रैक्टर चढ़ाने की हिम्मत हो, तो समझिए कि माफिया के हौसले कितने बुलंद हैं।
धाखड़ धामी की सरकार में, उनके अपने गृह जिले में यह घटना प्रशासनिक सख्ती पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। क्या अवैध खनन पर नकेल कसने के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? या फिर इस हमले के बाद माफिया के खिलाफ कोई बड़ा संदेश जाएगा?
फिलहाल जांच जारी है, लेकिन यह घटना साफ इशारा कर रही है—
“जहां कानून को चुनौती मिले खुलेआम,
वहीं सत्ता की साख भी होती है नीलाम।”
दर्पण न्यूज 24/7 इस मामले की हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है।

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