

पिता के साथ निकली थी 14 साल की प्रेरणा, रास्ते में मौत ने छीन ली जिंदगी!
हल्दूचौड़। सुबह का एक सामान्य सफर 14 साल की प्रेरणा के लिए जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा, शायद किसी ने सोचा भी नहीं था। पिता के साथ दोपहिया वाहन पर जा रही मासूम बेटी को क्या पता था कि कुछ ही पलों बाद एक तेज रफ्तार डंपर उसकी जिंदगी छीन लेगा और पिता को जिंदगी भर का दर्द दे जाएगा।
गुरुवार को हल्दूचौड़ में गायत्री शक्तिपीठ के पास नेशनल हाईवे पर हुए दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। डंपर की चपेट में आने से 14 वर्षीय प्रेरणा पुत्री सुरेंद्र कुमार, निवासी खाद गोदाम, नहर के पार, बंडिया किच्छा, ऊधमसिंह नगर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उसके पिता 42 वर्षीय सुरेंद्र कुमार पुत्र हेतराम गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
कुछ पल पहले तक बेटी साथ थी…
बताया गया कि सुरेंद्र कुमार अपनी बेटी प्रेरणा के साथ दोपहिया वाहन से हल्द्वानी की ओर से किच्छा की तरफ जा रहे थे। गायत्री शक्तिपीठ के पास पीछे से आए डंपर ने उनके वाहन को टक्कर मार दी।
एक पल में सब कुछ बदल गया। सड़क पर पिता घायल पड़े थे और उनकी आंखों के सामने उनकी 14 साल की बेटी हमेशा के लिए उनसे दूर हो चुकी थी।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास मौजूद लोगों ने भी मदद के लिए दौड़ लगाई। लेकिन प्रेरणा को बचाया नहीं जा सका।
पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर हादसा!
जिस जगह यह हादसा हुआ, वह हल्दूचौड़ पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर है। घटना ने एक बार फिर नेशनल हाईवे पर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार, यातायात का दबाव और कई स्थानों पर बने कट हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं। लोगों का कहना है कि दुर्घटना के बाद कार्रवाई से आगे बढ़कर उन स्थानों को चिन्हित करने की जरूरत है, जहां बार-बार हादसे हो रहे हैं।
एक परिवार के लिए यह सिर्फ हादसा नहीं...
प्रेरणा अब इस दुनिया में नहीं है। उसके पिता अस्पताल में हैं। परिवार के लिए यह महज एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि जिंदगी भर न भर पाने वाला घाव है।
एक पिता अपनी बेटी को लेकर घर से निकला था। लौटना था दोनों को… लेकिन लौटकर आई सिर्फ हादसे की खबर।
अब सवाल यही है—क्या सड़क पर अगली मासूम जिंदगी जाने से पहले व्यवस्था जागेगी?
