








‘शास्त्री मासाब’ के निधन से हल्दूचौड़ में शोक की लहर, शिक्षा जगत ने खोया अपना मार्गदर्शक!
हल्दूचौड़। क्षेत्र में ‘शास्त्री मासाब’ के नाम से अपनी अलग पहचान बनाने वाले वरिष्ठ शिक्षाविद एवं पूर्व अध्यापक माधवानंद शास्त्री जोशी का रविवार शाम करीब पांच बजे आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही हल्दूचौड़ और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सरल व्यक्तित्व, अनुशासनप्रियता और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए पहचाने जाने वाले शास्त्री मासाब के निधन को क्षेत्रवासियों ने अपूरणीय क्षति बताया है।
इंदिरा एकेडमी के प्रबंधक उमाशंकर जोशी के पिता माधवानंद शास्त्री जोशी ने लंबे समय तक शिक्षक के रूप में सेवाएं दीं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और विद्यार्थियों के प्रति आत्मीय व्यवहार के कारण उन्होंने लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। उनके निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने पहुंचने लगे।
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश दुर्गापाल, पूर्व विधायक नवीन दुमका, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान मुकेश दुमका, निर्मला पंवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र तिवारी समेत क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘शास्त्री मासाब’ का निधन केवल परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है। उनके व्यक्तित्व और शिक्षा के प्रति समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।
परिजनों के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे उनके आवास से अंतिम यात्रा चित्रकला घाट के लिए प्रस्थान करेगी, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। शास्त्री मासाब के निधन से क्षेत्र में उनके चाहने वालों और पूर्व शिष्यों में भी गहरा शोक व्याप्त है।
