खबरें शेयर करें -

UKPSC PCS मुख्य परीक्षा पर हाईकोर्ट की बड़ी रोक: प्रारंभिक परीक्षा के गलत सवालों की दोबारा होगी जांच, आयोग को परिणाम संशोधित करने के निर्देश!

दर्पण न्यूज 24*7
देहरादून। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने लोक सेवा आयोग की संयुक्त राज्य सिविल (UKPSC) / प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) मुख्य परीक्षा पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्रारंभिक परीक्षा के कुछ विवादित प्रश्नों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह एक गलत सवाल को हटाते हुए प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम दोबारा जारी करे और 2022 के रेगुलेशन के अनुरूप नई मेरिट लिस्ट तैयार करे।

UKPSC की यह बहुप्रतीक्षित मुख्य परीक्षा 6 से 9 दिसंबर तक प्रस्तावित थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद इसे अनिश्चित समय के लिए स्थगित कर दिया गया है। हरिद्वार निवासी कुलदीप राठी सहित कई अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए कुछ सवालों पर गंभीर आपत्तियाँ उठाई थीं। अभ्यर्थियों का कहना था कि कुछ प्रश्न तथ्यात्मक रूप से गलत थे और कुछ के विकल्प अस्पष्ट थे, जिससे उनकी मेरिट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने की। खंडपीठ ने विवाद की गंभीरता को स्वीकार करते हुए आयोग को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

कोर्ट के प्रमुख निर्देश:

  • प्रश्न संख्या 70 को पूर्णतः हटाया जाए।
  • शेष तीन विवादित सवालों की समीक्षा विशेषज्ञ समिति से कराई जाए।
  • संशोधित परिणाम और रेगुलेशन–2022 के अनुसार नई मेरिट लिस्ट जारी की जाए।

कोर्ट का कहना है कि जब तक विवादित प्रश्नों की निष्पक्ष समीक्षा पूरी नहीं हो जाती और संशोधित मेरिट लिस्ट तैयार नहीं होती, तब तक मुख्य परीक्षा आयोजित करना उचित नहीं होगा। इसी कारण UKPSC PCS मुख्य परीक्षा पर यह अंतरिम रोक लगाई गई है।

अभ्यर्थियों और शिक्षण संस्थानों में कोर्ट के इस फैसले को लेकर व्यापक चर्चा है, जबकि आयोग अब अगले कदम पर विचार कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

उत्तराखंड