स्कूल परिसर से उठता धुआं… फिर देखते ही देखते आग का तांडव, दो बसें राख!
हल्द्वानी के केवीएम पब्लिक स्कूल में भीषण अग्निकांड से मची अफरा-तफरी, ट्रैफिक जाम बना दमकल के रास्ते का रोड़ा
हल्द्वानी | दर्पण न्यूज 24/7
मंगलवार शाम हल्द्वानी के एक प्रतिष्ठित स्कूल परिसर से अचानक उठे धुएं ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। देखते ही देखते धुआं आग की विकराल लपटों में बदल गया और पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि स्कूल परिसर में खड़ी दो बसें और एक बड़ा जनरेटर कुछ ही देर में जलकर राख हो गए।
घटना मुखानी चौराहे के पास स्थित केवीएम पब्लिक स्कूल की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब पौने सात बजे स्कूल परिसर से धुआं उठता दिखाई दिया। पड़ोसियों ने तत्काल स्कूल प्रबंधन को सूचना दी, लेकिन तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी। घनी आबादी वाले क्षेत्र में आग लगने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई और लोगों ने अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि परिसर में तीन बसें खड़ी थीं, जिनमें से केवल एक बस को समय रहते बाहर निकाला जा सका। बाकी दो बसें आग की चपेट में आ गईं और पूरी तरह जल गईं। साथ ही परिसर में रखा जनरेटर भी आग में स्वाहा हो गया। इस हादसे से स्कूल प्रबंधन को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड को तुरंत रवाना किया गया, लेकिन रामपुर रोड और हीरानगर क्षेत्र में भारी ट्रैफिक जाम के कारण दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचने में करीब आधा घंटा लग गया। इस दौरान आग लगातार विकराल होती चली गई। हालात को देखते हुए पुलिस ने यातायात को डायवर्ट कर राहत कार्यों का रास्ता साफ कराया।
मौके पर पहुंचे एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र और सीओ अमित सैनी ने स्थिति का जायजा लिया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब 10 हजार लीटर पानी का उपयोग कर रात लगभग 8:40 बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह एक स्कूल बस में हुई स्पार्किंग बताई जा रही है, जो सर्विसिंग के बाद परिसर में खड़ी की गई थी। राहत की बात यह रही कि गर्मियों की छुट्टियों के चलते स्कूल में कोई छात्र या स्टाफ मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। यदि दमकल वाहन समय पर पहुंच जाते तो शायद करोड़ों की संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सकता था। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है कि आखिर चंद मिनटों में आग ने इतना भयावह रूप कैसे ले लिया।
