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20 लाख की साइबर ठगी का खुलासा
‘डिजिटल अरेस्ट’ कर बुजुर्ग से तीन दिन में ऐंठे लाखों, STF ने जयपुर से दबोचा शातिर आरोपी।
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो | रुद्रपुर
कुमाऊं एसटीएफ और देहरादून एसटीएफ की संयुक्त टीम ने 20 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी करने वाले शातिर साइबर अपराधी को जयपुर, राजस्थान से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने नैनीताल निवासी 80 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर तीन दिनों तक व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर अलग-अलग खातों में 20 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए थे।
दिल्ली क्राइम ब्रांच–CBI बनकर फैलाया डर
साइबर ठगों ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच और सीबीआई अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया। कहा गया कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन किया गया है और वे गंभीर अपराध में फंस चुके हैं। गिरफ्तारी का भय दिखाकर उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट रखा गया।
साइबर थाने में शिकायत, फिर शुरू हुई कार्रवाई
हिम्मत जुटाकर पीड़ित बुजुर्ग ने साइबर थाना कुमाऊं, रुद्रपुर में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी अरुण कुमार के नेतृत्व में विवेचना साइबर निरीक्षक एवं विवेचक धीरेन्द्र कुमार पंत को सौंपी गई।
साइबर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डाटा के लिए संबंधित बैंकों, सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों और मेटा कंपनी से पत्राचार कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए।
ICICI बैंक खाते में ट्रांसफर कराए गए रुपये
तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि ठगों ने पीड़ित को डिजिटली अरेस्ट कर कुल 20 लाख रुपये ICICI बैंक के एक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी की पहचान कर उसे जयपुर के थाना शिप्रा पथ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
19 साल का आरोपी, देशभर में दर्ज हैं शिकायतें
गिरफ्तार आरोपी की पहचान महीम सिसौदिया पुत्र छोटू लाल सिसौदिया, निवासी 111 महावीर नगर-दो, दुर्गापुरा, जयपुर (राजस्थान), उम्र 19 वर्ष के रूप में हुई है।
आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
कई राज्यों में पहले से दर्ज हैं केस
साइबर एएसपी कुश मिश्रा ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर और पेशेवर किस्म का साइबर अपराधी है। इसके खिलाफ कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित सात शिकायतें दर्ज हैं।
इस टीम को मिली सफलता
इस कार्रवाई में निरीक्षक एवं विवेचक धीरेन्द्र कुमार पंत, उपनिरीक्षक विनोद कुमार बिष्ट, हेड कांस्टेबल दीपक जोशी, सोनू पांडे, कांस्टेबल विकास रावत, देहरादून की तकनीकी टीम तथा उपनिरीक्षक कुलदीप टम्टा और नितिन रमोला शामिल रहे।
👉 दर्पण न्यूज 24/7 आपके लिए लाया है साइबर अपराध पर करारा प्रहार करने वाली यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।

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