🇻🇪 वेनेजुएला में सत्ता का संकट: मादुरो अमेरिका की गिरफ्त में, देश की कमान किसके हाथ?
काराकस/न्यूयॉर्क।
अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को देश से बाहर ले जाए जाने के बाद पूरे राष्ट्र में राजनीतिक अनिश्चितता और भय का माहौल है। राजधानी काराकस की सड़कें सुनसान हैं, जबकि पेट्रोल पंपों और सुपरमार्केटों पर लंबी कतारें लगी हुई हैं। आम नागरिकों के मन में सिर्फ एक सवाल है—अब देश चलाएगा कौन?
🔴 खबर की बड़ी बातें (न्यूज़ बॉक्स)
▪️ अमेरिकी सेना ने मादुरो को किया गिरफ्तार, न्यूयॉर्क लाकर मादक पदार्थों से जुड़े आतंकवाद के आरोपों में मुकदमा चलाने की तैयारी
▪️ वेनेजुएला के उच्च न्यायालय ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाने का आदेश दिया
▪️ डेल्सी रोड्रिगेज ने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की तत्काल रिहाई की मांग की
▪️ डोनाल्ड ट्रंप का चौंकाने वाला दावा – “वेनेजुएला पर अमेरिका का नियंत्रण होगा”
▪️ अमेरिका ने विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को सत्ता के लिए अयोग्य बताया
▪️ सरकारी टीवी पर शपथग्रहण का प्रसारण नहीं, रोड्रिगेज अब भी ‘उपराष्ट्रपति’ के तौर पर संबोधित
▪️ संविधान के अनुसार एक माह में चुनाव अनिवार्य, लेकिन स्थिति अस्पष्ट
▪️ तेल संपन्न देश में नेतृत्व शून्य का फायदा उठाने की अमेरिकी रणनीति उजागर
🛑 क्या अमेरिका चलाएगा वेनेजुएला?
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल ढांचे को दुरुस्त कर वैश्विक बाजार में तेल बेचने की योजना का संकेत दिया है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि अमेरिका सीधे सरकार चला रहा हो। सैन्य अभियान में बचे अधिकारी अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं।
⚖️ डेल्सी रोड्रिगेज: सत्ता की धुरी?
ब्रिटेन और फ्रांस में शिक्षित वकील डेल्सी रोड्रिगेज मादुरो की सबसे भरोसेमंद सहयोगी मानी जाती हैं। तेल उद्योग और वॉल स्ट्रीट से उनके संबंध उन्हें सत्ता संघर्ष में मजबूत बनाते हैं, लेकिन उन्होंने अमेरिका के साथ खुले सहयोग का संकेत नहीं दिया है।
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