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पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता अदालत की अवमानना के दोषी, हाईकोर्ट ने 27 जुलाई को व्यक्तिगत पेशी के दिए निर्देश!
10 दिन में आदेश का पालन करने के निर्देश, न्यायिक आदेशों की अनदेखी पर हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी!
नैनीताल संवाददाता दर्पण न्यूज 24/7।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराते हुए 27 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने कहा कि न्यायालय के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
मामला मेसर्स राम कृष्ण जयरा द्वारा पीएमजीएसवाई की एक निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से जुड़ा है। तकनीकी मूल्यांकन के दौरान फर्म को अयोग्य घोषित किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। लगभग डेढ़ वर्ष की सुनवाई के बाद 26 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट ने विभाग को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता की वित्तीय बोली को शामिल कर कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाए।
इसके बावजूद विभाग ने वित्तीय बोली खोलने के बजाय पूरी टेंडर प्रक्रिया यह कहते हुए रोक दी कि अन्य बोलीदाताओं ने निविदा की वैधता अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया है और अब केवल एक ही बोलीदाता बचा है।
हाईकोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह स्थिति स्वयं विभाग द्वारा उत्पन्न की गई है और यह न्यायालय के आदेश को निष्प्रभावी करने का प्रयास है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बाद की परिस्थितियों का बहाना बनाकर न्यायिक आदेशों को दरकिनार नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने विभाग को 10 दिन के भीतर 26 फरवरी 2026 के आदेश का पालन कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक को 27 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर सजा संबंधी कार्यवाही का सामना करना होगा।

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