“लोकधुनों में गूंजी सरयू घाटी, उत्तरायणी मेले का रंगीन आगाज़”
ढोल–दमाऊं की थाप पर थिरकी संस्कृति, छोलियारों के उल्लास ने बांधा समां।
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो बागेश्वर।
सरयू-गोमती के संगम पर बसे सांस्कृतिक नगर बागेश्वर में ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले का शुभारंभ मंगलवार को पारंपरिक शान और लोकधुनों की मधुर गूंज के बीच हुआ। रंग-बिरंगी सांस्कृतिक झांकी को जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, विधायक पार्वती दास, सुरेश गढ़िया, दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल सहित जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
तहसील परिसर से शुरू हुई यह भव्य सांस्कृतिक यात्रा नुमाइशखेत मैदान में पहुंचकर संपन्न हुई। ‘निषाण’ के अगुवाई करते ही पूरा शहर श्रद्धा, उत्साह और लोकआस्था के रंगों में रंग गया। कुमाऊँ के पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल–दमाऊं की थाप और छोलियारों के जोश ने माहौल को पूरी तरह लोकमय कर दिया। कलाकारों और स्कूली बच्चों ने जहां कुमाऊँनी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की, वहीं देश के विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति को भी सुंदर तरीके से उजागर किया।
राइंका बागेश्वर की कलश यात्रा, जौहार सांस्कृतिक समिति की प्रस्तुतियां और मदकोट के नगाड़े विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। न्यू सैनिक जूहा स्कूल, हिमालयन सेंट्रल स्कूल, राइंका मंडलसेरा, विवेकानंद विद्या मंदिर, महर्षि विद्या मंदिर बिलौना, आनंदी एकेडमी, सेंट जोजफ थूनाई, गायत्री विद्या मंदिर, हिमालयन चिल्ड्रन एकेडमी, कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल, सैनिक हाईस्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर चौरासी, नेशनल मिशन स्कूल एवं राइंका सैलानी के छात्र-छात्राओं ने सामाजिक संदेशों और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों की जमकर तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, उपजिलाधिकारी एवं मेलाधिकारी प्रियंका रानी सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। उत्तरायणी मेले की इस भव्य शुरुआत ने आने वाले दिनों के उत्सव का उल्लास और भी बढ़ा दिया है।
